चम्पावत | देवीधुरा: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने चम्पावत जनपद भ्रमण के दौरान ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध माँ वाराही शक्तिपीठ, देवीधुरा का दौरा किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में चल रहे नवनिर्माण एवं विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
धाम पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले माँ वाराही के चरणों में शीश नवाया और विधिवत पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की।
पौराणिक गरिमा के साथ आधुनिक सुविधाओं का समन्वय
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि माँ वाराही धाम उत्तराखंड की अगाध आस्था, समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का एक महान प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पावन धाम का भव्य विकास इसकी पौराणिक गरिमा और वास्तुकला को अक्षुण्ण रखते हुए किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि यहाँ आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को सभी आधुनिक बुनियादी सुविधाएं मिलें, जिससे उन्हें एक सुगम और दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हो सके।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
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समय सीमा के भीतर कार्य: मंदिर परिसर और उसके आस-पास के सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
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गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि: भविष्य में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध ‘बगाल मेले’ (पाषाण युद्ध) और आम दिनों में जुटने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुव्यवस्थित यातायात, पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
पर्यटन और स्थानीय आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के तहत जोड़ा जा रहा है। माँ वाराही धाम का यह नवनिर्माण न केवल धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं और व्यापारियों के लिए स्वरोजगार व आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा “देवभूमि के शक्तिपीठ हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र हैं। माँ वाराही धाम का भव्य और दिव्य स्वरूप आने वाले समय में श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा। हमारी सरकार राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह संकल्पित है।”
