उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ के गांधी मैदान से माफिया और अपराधियों को एक बार फिर खुली चुनौती दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब उत्तर प्रदेश के किसी भी माफिया या गुंडे में इतना दुस्साहस नहीं बचा है कि वह त्योहारों में उपद्रव या दंगा कर सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मऊ को ₹392 करोड़ से अधिक की लागत वाली 114 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात (लोकार्पण व शिलान्यास) भी दी। उन्होंने मऊ को क्रांतिधरा बताते हुए कल्पनाथ राय, श्याम नारायण पांडेय और स्वामी सहजानंद सरस्वती जैसी महान विभूतियों को नमन किया।
‘धार्मिक आयोजनों में विघ्न डाला तो रावण-कंस जैसी दुर्गति तय’
कड़े तेवर अपनाते हुए सीएम योगी ने कहा, “यदि किसी ने रामلیला, यज्ञ-कथा, जन्माष्टमी, रामनवमी, शिवरात्रि या रक्षाबंधन जैसे धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डालने का प्रयास किया, तो उसकी रावण और कंस जैसी दुर्गति होना तय है।” उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने बहन-बेटी की आबरू या किसी व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने की हिमाकत की, तो अगले चौराहे पर उसका इंतजार सीधा यमराज ही करेंगे। अब वह दौर बीत चुका है जब माफिया खुली जीप में बैठकर, पिस्टल लहराते हुए किसी हिंदू या शरीफ नागरिक को धमकाते थे।
2017 से पहले के ‘अराजकता के दौर’ को कराया याद
मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए 21 साल पुराने काले दौर की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की उम्र 30-35 वर्ष से ऊपर है, वे भूले नहीं होंगे कि कैसे साल 2005 में भरत-मिलाप कार्यक्रम के दौरान दंगा भड़काकर मऊ को जलाने का प्रयास किया गया था। तब सत्ता के संरक्षण में पलने वाले माफिया बेखौफ होकर कत्लेआम मचा रहे थे और तत्कालीन समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार उनके सामने नतमस्तक थी। उस दौर में बेटियां सुरक्षित नहीं थीं और व्यापारी सूर्यास्त से पहले अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर थे, लेकिन आज उत्तर प्रदेश में पूरी तरह कानून का राज है।
एक वोट की ताकत से बदला उत्तर प्रदेश का भाग्य
एक-एक वोट का महत्व समझाते हुए सीएम योगी ने कहा कि जनता के एक सही वोट ने 500 वर्षों की गुलामी के कलंक को धोकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में विश्वनाथ धाम का निर्माण कराया है। इसी वोट की ताकत से आज प्रदेश कर्फ्यू और उपद्रव से मुक्त हुआ है। उन्होंने भू-माफियाओं को सचेत करते हुए कहा कि अब अगर किसी ने गरीब की जमीन पर अवैध कब्जा किया, तो सरकार का बुलडोजर सीधे उसके घर पहुंचेगा। अवैध कब्जों को ढहाकर माफिया की संपत्ति पर गरीबों के लिए पक्के मकान बनाए जा रहे हैं, जैसा कि प्रयागराज, लखनऊ और गोरखपुर में हो चुका है।
मऊ के लिए कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मऊ को अपना ‘आंगन’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से वाराणसी के बीच अब शानदार फोर-लेन सड़क बन चुकी है, जिससे आवागमन बेहद सुगम हो गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए मऊ के लोग महज पौने तीन घंटे में लखनऊ पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि घोसी चीनी मिल के विस्तारीकरण के लिए प्रस्ताव आते ही तुरंत बजट जारी कर दिया जाएगा। मऊ में पीपीपी (PPP) मॉडल पर एक आधुनिक मेडिकल कॉलेज भी बनकर तैयार हो रहा है, जिसका उद्घाटन करने वे जल्द ही दोबारा मऊ आएंगे।
विकास परियोजनाओं का लेखा-जोखा
इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने बताया कि ₹392 करोड़ के इस पैकेज में मऊ के चौमुखी विकास का ब्लूप्रिंट शामिल है:
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लोकार्पण (38 परियोजनाएं): इनमें 10 सड़कें, 2 पुल, ग्रामीण पेयजल की 10 योजनाएं, पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर की 6, एक राजकीय पॉलिटेक्निक, लड़कियों के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, और आईटीआई (ITI) भवन शामिल हैं।
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शिलान्यास (76 परियोजनाएं): इसमें ₹237 करोड़ की लागत से बनने वाली 55 नई सड़कें, शिक्षा विभाग की 3, पुलिस आवासीय परिसर की 7, नगर विकास की 6 और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली 3 परियोजनाएं शामिल हैं।
अंत में, मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी और लू के विपरीत मौसम में भी भारी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने के लिए मऊ की जनता का आभार जताया और सभी को सेहत के प्रति सावधान रहने की सलाह दी।
