देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निर्वाचन विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम एवं भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री संजय कुमार ने आज संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों (DEOs) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) के साथ गणना फॉर्म वितरण और उनके डिजिटाइजेशन के कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
तय समयसीमा में फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन पर जोर
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपदों में फॉर्म वितरण का कार्य शत-प्रतिशत और तय समयसीमा के भीतर ही पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में फॉर्म वितरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वे जिला प्रशासन अब अपना पूरा ध्यान प्राप्त हुए फॉर्मों के त्वरित डिजिटाइजेशन (कंप्यूटरीकरण) पर केंद्रित करें, ताकि डेटा को जल्द से जल्द अपडेट किया जा सके।
सुस्त प्रगति वाले बूथों पर लगेंगे अतिरिक्त कर्मचारी: सीईओ
सीईओ डॉ. पुरुषोत्तम ने जिलाधिकारियों को स्वयं बूथवार समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों या बूथों पर फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन की गति धीमी पाई जाती है, वहां तुरंत अतिरिक्त कार्मिकों को ‘हेल्पिंग हैंड’ के रूप में तैनात किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जो मतदाता घर पर अनुपस्थित मिल रहे हैं, उनके पते पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) अनिवार्य रूप से एक साथ मिलकर तीन बार विजिट (दौरा) करेंगे, ताकि कोई भी वास्तविक मतदाता छूटने न पाए।
‘ASD’ और डुप्लीकेट वोटरों पर बीएलओ दर्ज करेंगे फील्ड रिपोर्ट
भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री संजय कुमार ने बैठक में तकनीकी और प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में फॉर्म वितरण पूरा हो चुका है और वहां कुछ मतदाता अनुपस्थित हैं, तो डिजिटाइजेशन का काम खत्म होने के बाद ऐसे वोटरों की सूची संबंधित बीएलओ (BLO) अनिवार्य रूप से बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के साथ साझा करें।
उप निर्वाचन आयुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि ASD (Absent, Shifted, Dead) यानी जो मतदाता अनुपस्थित हैं, दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं, या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके साथ-साथ डुप्लीकेट (दोहरे) वोटरों के गणना फॉर्म पर बीएलओ को अपनी स्पष्ट फील्ड रिपोर्ट दर्ज करनी होगी, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिहीन बन सके।
बैठक में शीर्ष अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस उच्च स्तरीय महत्वपूर्ण डिजिटल समीक्षा बैठक में निर्वाचन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बैठक में मुख्य रूप से अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास उपस्थित रहे। इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी और ईआरओ (ERO) सीधे जुड़े रहे और अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
