देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के अभियान के तहत देहरादून जिला प्रशासन ने नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में हिमगिरी पैलेस के पास स्थित एक मजार को ध्वस्त किया। प्रशासन के अनुसार, संबंधित संरचना मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रही थी। कार्रवाई से पहले संरचना से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई और नोटिस भी जारी किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय लोगों की ओर से भी इस संरचना को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद प्रशासन ने मामले की पड़ताल की और नियमानुसार कार्रवाई की। देहरादून की एसडीएम अपूर्वा सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी
प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों को हटाकर भूमि को उसके निर्धारित उपयोग के लिए उपलब्ध कराना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कथित अवैध संरचनाओं की पहचान, दस्तावेजों की जांच और नियमानुसार उन्हें हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। देहरादून में हुई ताजा कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा बताई गई है।
अब तक 603 संरचनाएं हटाए जाने का दावा
राज्य सरकार के अनुसार, प्रदेश में अभियान के तहत अब तक 603 कथित अवैध संरचनाओं को हटाया जा चुका है। सरकार का जोर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पहचान करने, संबंधित अभिलेखों की जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई करने पर है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों में सख्ती बरती जाएगी। उनका कहना है कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने पर सरकार का जोर
देहरादून में हुई इस कार्रवाई के बाद सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने और सार्वजनिक मार्गों को बाधारहित बनाने के मुद्दे पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हुआ है। प्रशासन की ओर से ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार के अभियान का घोषित उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और सार्वजनिक सुविधाओं को सुचारु बनाए रखना है।
