“मजदूर का बेटा” या जमीनों का ‘सुल्तान’? विधायक अरविंद पांडे से जनता ने पूछे चुभते सवाल!

ऊधमसिंह नगर: उत्तराखंड की राजनीति में गदरपुर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे इन दिनों अपने विकास कार्यों के कारण नहीं, बल्कि जनता के तीखे सवालों के घेरे में हैं। कभी खुद को “मजदूर का बेटा” बताकर सहानुभूति बटोरने वाले विधायक पर अब दबंगई, जमीन कब्जाने और अवैध संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। ऊधमसिंह नगर की जनता अब सरेआम जवाब मांग रही है।

यहाँ उन सवालों की सूची है जो आज हर नागरिक की जुबान पर हैं:

जनता की अदालत: विधायक जी, जवाब दीजिए!

  1. संपत्ति का स्रोत: आप खुद को “मजदूर का बेटा” बताते हैं, फिर राजनीति में आने के बाद इतना अकूत धन कहां से इकट्ठा हो गया? क्या इसी धन के बल पर आपने अपना राजनीतिक नेटवर्क खड़ा किया है?

  2. बेटे पर आरोप: आपके बेटे अतुल पांडे पर जमीन कब्जाने के आरोप लग रहे हैं। गुमसानी गांव में हाईवे किनारे की बेशकीमती जमीन खरीदने के लिए इतना पैसा कहां से आया?

  3. पारदर्शिता की चुनौती: अगर आप वाकई ‘पाक-साफ’ हैं, तो उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैली अपनी संपत्तियों, पेट्रोल पंपों और अन्य व्यवसायों का ब्योरा सार्वजनिक क्यों नहीं कर देते?

  4. स्थानीय बनाम बाहरी: उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों के लिए आप हमेशा बाहरी लोगों और अपने करीबियों की ही पैरवी क्यों करते हैं? स्थानीय युवाओं के हक के साथ यह खिलवाड़ क्यों?

  5. सत्ता का दुरुपयोग: क्या यह सच है कि आप अपने राजनीतिक और आर्थिक संरक्षकों के इशारे पर निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर उन्हें प्रताड़ित करते हैं?

  6. जनजाति की जमीन का विवाद: सेमलपुरी में जनजाति की जमीन आपके बेटे के नाम चढ़ गई, क्या यह संभव है कि आपको इसकी जानकारी न हो? यदि यह जमीन भविष्य में किसानों को बेची गई, तो कानूनी विवाद की स्थिति में उन गरीब किसानों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

  7. पुराने केस: शुगर फैक्ट्री और चर्चित ‘मूर्ति देवी हत्याकांड’ जैसे ज्वलंत मुद्दों पर आपने आज तक चुप्पी क्यों नहीं तोड़ी? जनता को जवाब कब मिलेगा?

  8. संघर्ष के दिनों का सच: विधायक बनने से पहले आप जिस ‘आर्माडा’ गाड़ी में चलते थे, वह असल में किसकी थी? उसका डीजल और रखरखाव का खर्च कौन उठाता था?

  9. पुराने मददगार: चुनाव से पहले आपके मोबाइल का बिल कौन भरता था? 2002 के बाजपुर चुनाव में पोलिंग एजेंट और बूथ प्रबंधन के लिए संसाधन जुटाने वाला असली चेहरा कौन था?

नाराज जनता और विधायक की ‘हनक’

क्षेत्र की जनता का कहना है कि विधायक की ‘विधायकी हनक’ अब उनके निजी हितों और जमीन कब्जाने के धंधों में तब्दील हो चुकी है। “मजदूर का बेटा” होने का मुखौटा अब उतरता दिख रहा है। ऊधमसिंह नगर के लोग अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि इन एक-एक सवालों का ठोस प्रमाण सहित जवाब चाहते हैं।


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