लखनऊ, 31 मई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शोषित, वंचित और विस्थापित समुदायों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान निरंतर जारी है। ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना के तहत इन परिवारों को सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित कराया जा रहा है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री सोमवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए सैकड़ों परिवारों को उनका कानूनी भूमि अधिकार सौंपेंगे
बिजनौर में सजेगा विकास कार्यों का मंच, विस्थापितों को मिलेगा अधिकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर जिले के आलमपुर गांवड़ी, अफजलगढ़ और धामपुर क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे स्थानीय जनता को विकास की कई बड़ी सौगातों से जोड़ेंगे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में, मुख्यमंत्री पाकिस्तान से विस्थापित हुए 1,645 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करेंगे। इसके साथ ही, देश की सेवा कर चुके 50 पूर्व सैनिकों और लीजधारकों को भी इस अभियान के तहत भूमिधरी अधिकार पत्र सौंपे जाएंगे।
सरकारी योजनाओं का लाभ और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
बिजनौर में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री केवल भूमि अधिकार ही नहीं सौंपेंगे, बल्कि कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभान्वित करेंगे। वे प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को आवंटन पत्र व वित्तीय सहायता के चेक वितरित करेंगे। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित ‘विदुर प्रेरणा कैफे’ का औपचारिक उद्घाटन भी सीएम योगी द्वारा किया जाएगा।
बांग्लादेशी विस्थापितों और थारू जनजाति को पहले ही मिल चुका है हक
यह पहला मौका नहीं है जब योगी सरकार ने विस्थापितों और आदिवासियों को उनका हक दिया है। इससे पहले, इसी वर्ष अप्रैल में मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित हुए 331 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए थे। उसी दौरान लखीमपुर के चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में, नदियों के कटान से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2,350 परिवारों और क्षेत्र की थारू जनजाति के 4,356 परिवारों को भी भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन कर उन्हें सुरक्षित आशियाना दिया गया था।
बहराइच के भरथापुर वासियों का भी हुआ था पूर्ण पुनर्वास
विस्थापितों को बसाने की इस कड़ी में मार्च महीने के दौरान बहराइच के ग्राम पंचायत सेमरहना में भी एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहाँ मुख्यमंत्री ने भरथापुर गांव के 118 लाभार्थियों को 15 लाख रुपए प्रति हितग्राही की दर से पुनर्वास धनराशि और कृषि भूमि आदि परिसंपत्तियों के समतुल्य 21.55 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का सीधा डिजिटल ट्रांसफर किया था। साथ ही, इन 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और नए सिरे से बसने के लिए भूमि के पट्टों का वितरण भी किया गया था।
