देहरादून में दशहरा महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी, बोले— सत्य और धर्म की ही होती है जीत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व सत्य, धर्म और मर्यादा की शक्ति का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना थी, लेकिन उसके अहंकार और मर्यादा के उल्लंघन ने उसके पतन का मार्ग प्रशस्त किया। इससे यह सीख मिलती है कि अधर्म और अहंकार चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन से त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के आदर्श स्थापित किए, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं।

दशहरा आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का पर्व

सीएम धामी ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले का दहन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का भी अवसर है। प्रत्येक व्यक्ति को अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग करने का संकल्प लेना चाहिए। भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समाज के हर व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कराई अतिक्रमण मुक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है। सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। वहीं, धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने समान नागरिक संहिता को समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।

युवाओं को रोजगार और पारदर्शी भर्ती सरकार की प्राथमिकता

सीएम धामी ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बच्चों में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को योग्यता और प्रतिभा के आधार पर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। नकल जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं।

सुशासन, जनकल्याण और विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और विकास की प्रक्रिया में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

रामराज्य की मूल भावना न्याय और जनकल्याण

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विजयादशमी के अवसर पर सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखंड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाएं सुरक्षित महसूस करें और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही भगवान श्रीराम के आदर्शों और विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।

दशहरा महोत्सव में कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।