देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जनसेवा शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शिरकट की। यह शिविर सरकार के ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था।
शिविर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के विजन को रेखांकित किया और कहा कि शासन-प्रशासन को जनता के अधिक से अधिक निकट लाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।
1. सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति, जनता का बढ़ा विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
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द्वार पर सेवाएं: सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर मौके पर ही सेवाएं और प्रशासनिक समाधान उपलब्ध करा रही है।
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मजबूत होता भरोसा: ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बनाने से शासन के प्रति आम जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री का संकल्प:
“‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड’ ही हमारी राज्य सरकार का मूल संकल्प है। इस संकल्प को धरातल पर साकार करने के लिए हमारी सरकार निरंतर और पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है।”
2. पीएम मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड ने रचे नए प्रतिमान
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उत्तराखंड को लेकर प्रधानमंत्री की जो परिकल्पना है, वह अब तेजी से मूर्त रूप ले रही है।
राज्य में बुनियादी ढांचे और आर्थिक मोर्चे पर हुए उल्लेखनीय सुधारों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश और हवाई संपर्क (Air Connectivity) सहित प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है।
3. वैश्विक मंच पर पहचान और मजबूत होती अर्थव्यवस्था
बीते वर्षों में राज्य में हुए ऐतिहासिक आयोजनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और पर्यटन के क्षेत्र में आज उत्तराखंड वैश्विक पटल पर एक नई पहचान बना रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है, जिसके मुख्य संकेतक निम्नलिखित ऐतिहासिक आयोजन रहे हैं:
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उत्तराखंड में पहली बार आयोजित हुईं जी-20 (G-20) की महत्वपूर्ण बैठकें।
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राष्ट्रीय खेल (National Games) और शीतकालीन यात्रा का सफल प्रबंधन।
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ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का भव्य आयोजन, जिसने निवेश के नए द्वार खोले।
4. ऐतिहासिक सुधार: समान नागरिक संहिता और सख्त कानून
सामाजिक न्याय और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए धामी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों को भी मुख्यमंत्री ने जनता के सामने रखा:
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समान नागरिक संहिता (UCC): राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल की गई है।
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सख्त नकल विरोधी कानून: युवाओं और मेधावी छात्रों के हित की रक्षा के लिए देश का सबसे कठोर व सख्त नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में लागू किया गया है।
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34 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां: राज्य के लगभग 34 हजार से अधिक युवाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
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भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध लगातार बेहद कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
5. सहसपुर विधानसभा क्षेत्र को सौगातें
स्थानीय विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा तथा कृषि के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण और बड़े विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना ही सरकार की पहली प्राथमिकता है।
