उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य आपातकालीन प्रबंधन को मिली नई ताकत: PM-ABHIM के तहत HEOC का निर्माण तेजी से पूरा होने की ओर
देहरादून, 11 दिसंबर 2025
केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, CM धामी के नेतृत्व में तेजी से चल रहा निर्माण
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के अंतर्गत उत्तराखण्ड को हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) स्थापित करने की केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद राज्य में स्वास्थ्य आपात प्रबंधन के क्षेत्र में नई क्रांति आने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर देहरादून स्थित महानिदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिसर में HEOC का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
भारत सरकार की उच्चस्तरीय टीम ने किया निरीक्षण, कार्य की गुणवत्ता पर जताया संतोष
हाल ही में भारत सरकार की एक उच्चस्तरीय टीम ने निर्माणाधीन HEOC का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा से मुलाकात कर निर्माण की गुणवत्ता, डिज़ाइन और संरचना पर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद नोडल अधिकारी डॉ. पंकज सिंह के साथ पूरे परिसर का दौरा किया गया।
निरीक्षण टीम ने कार्य की प्रगति और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी कार्यप्रणाली की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
निरीक्षण टीम के सदस्य:
– डॉ. सैयद जुल्फेकार अहमद, क्षेत्रीय निदेशक, ROH&FW, लखनऊ
– डॉ. निश्चय केशरी, चिकित्सा अधिकारी, ROH&FW, लखनऊ
– श्री आशिष, परामर्शदाता
– श्री हेमंत नेगी
उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपस्थित:
– डॉ. पंकज सिंह, नोडल अधिकारी HEOC
– डॉ. सुजाता सिंह
जनवरी 2026 तक पूर्ण रूप से तैयार होगा HEOC – स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि HEOC के निर्माण कार्य का लगभग 50% हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार तेजी से चल रहा है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
– जनवरी 2026 के अंत तक केंद्र पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगा
– इसके बाद भारत सरकार द्वारा इसे औपचारिक रूप से उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा
– संचालन के लिए प्रशिक्षित अधिकारियों को आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य आपात प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण पहले से ही दिया जा रहा है
कोविड जैसे संकट और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में होगा गेम-चेंजर
स्वास्थ्य सचिव ने कहा, “HEOC की स्थापना से उत्तराखण्ड स्वास्थ्य आपात प्रबंधन के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। यह केंद्र न केवल आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा, बल्कि सामान्य दिनों में भी स्वास्थ्य निगरानी, डेटा एनालिसिसिस और निर्णय प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा।”
**मुख्य लाभ:**
– महामारियों (जैसे कोविड-19) का शुरुआती चरण में पता लगाना और नियंत्रण
– धराली जैसी प्राकृतिक आपदाओं में कई गुना बेहतर प्रतिक्रिया क्षमता
– सभी जिलों के बीच बेहतर समन्वय और स्वास्थ्य सेवाओं में एकरूपता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति का यह जीता-जागता उदाहरण है। HEOC के चालू होने के बाद उत्तराखण्ड किसी भी स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए देश के सबसे मजबूत राज्यों में शुमार होगा।
