अभिषेक बनर्जी के आवास पर अवैध निर्माण का मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, केएमसी से 7 दिनों में मांगी रिपोर्ट

कोलकाता, 3 जून: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास और उनकी कंपनी ‘लीप्स एंड बॉन्ड्स’ के परिसरों में कथित अवैध निर्माण को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कोलकाता नगर निगम (KMC) को सख्त निर्देश दिया है कि वह आगामी सात दिनों के भीतर दस्तावेजी सबूतों के साथ यह स्पष्ट करे कि स्वीकृत नक्शे से किस प्रकार का विचलन या अवैध निर्माण कहां-कहां किया गया है।

हाईकोर्ट ने केएमसी से पूछे तीखे सवाल

न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की एकल पीठ ने बुधवार को इस संवेदनशील मामले की सुनवाई की। अदालत ने केएमसी को आदेश दिया कि वह अपनी रिपोर्ट में पूरी बारीकी और विस्तार से यह बताए कि अभिषेक बनर्जी के आवास पर किस प्रकार की अनियमितताएं या अवैध निर्माण पाए गए हैं, वे संपत्ति के किस हिस्से में मौजूद हैं और कुल निर्मित क्षेत्रफल (Total Built-up Area) की तुलना में उस अवैध हिस्से का दायरा कितना है। इस पूरी रिपोर्ट को दाखिल करने के लिए निगम को केवल एक सप्ताह का समय दिया गया है।

संपत्ति मालिकों को भी दो हफ्ते का समय

अदालत ने केवल नगर निगम ही नहीं, बल्कि संपत्ति के मालिकों को भी अपना पक्ष रिकॉर्ड पर रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि बनर्जी परिवार को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल कर यह बताना होगा कि संपत्ति में कोई अवैध निर्माण हुआ है या नहीं, और यदि ऐसा कोई निर्माण है, तो उसकी वास्तविक सीमा क्या है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी, जिसमें केएमसी की रिपोर्ट और मालिकों के जवाब के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

माता-पिता ने केएमसी के नोटिस को दी है चुनौती

यह पूरा कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब अभिषेक बनर्जी के पिता अमित बनर्जी और माता लता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। बनर्जी दंपति का दावा है कि कोलकाता के 29-सी, हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित उनके इस मकान का निर्माण पूरी तरह से वैध और नियमों के दायरे में रहकर किया गया है। उन्होंने निगम द्वारा जारी किए गए नोटिस को पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है।

क्या है पूरा विवाद और केएमसी की जांच?

हाल के दिनों में कोलकाता नगर निगम ने अभिषेक बनर्जी और उनकी कंपनी ‘लीप्स एंड बॉन्ड्स’ से जुड़े कई ठिकानों पर नोटिस भेजे हैं। निगम सूत्रों के अनुसार, केएमसी एक्ट की धारा 401 के तहत जारी इन नोटिसों में स्वीकृत भवन नक्शा (Sanctioned Plan), निर्माण संबंधी दस्तावेज और अतिरिक्त निर्माण के लिए प्राप्त अनुमतियों का विवरण मांगा गया था।

आरोप है कि कुछ परिसरों में स्वीकृत नक्शे से हटकर अवैध रूप से अतिरिक्त निर्माण किया गया है। शुरुआती जांच में केवल दो संपत्तियों का जिक्र था, लेकिन हालिया मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि कुल 17 संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से कुछ संपत्तियां अभिषेक बनर्जी के अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी पंजीकृत हैं। इस बीच, ‘लीप्स एंड बॉन्ड्स’ कंपनी ने निगम के भवन विभाग को पत्र भेजकर सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय भी मांगा था। हाईकोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *