नई दिल्ली, 3 जून: पश्चिम बंगाल की सत्ता में लंबे समय से काबिज अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रही है। पार्टी के भीतर मचे घमासान और संभावित टूट को रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। इस आपातकालीन फैसले के तहत टीएमसी की सभी मौजूदा कमेटियों और उनके सभी फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
ऋतब्रत बनर्जी का 59 विधायकों के साथ बड़ा दावा
पार्टी में यह बड़ी उथल-पुथल तब और तेज हो गई जब टीएमसी के निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे। ऋतब्रत बनर्जी अकेले नहीं थे, बल्कि उनके पास पार्टी के 59 विधायकों के समर्थन का पत्र भी था। विधानसभा में इस शक्ति प्रदर्शन के साथ उन्होंने दावा किया कि उनका गुट ही अब राज्य में मुख्य तृणमूल कांग्रेस है, जबकि ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार रहने वाला गुट अब अल्पमत में आ चुका है।
सोशल मीडिया पर टीएमसी ने किया आधिकारिक ऐलान
इस अभूतपूर्व संकट के बीच, तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अपने फैसले की आधिकारिक जानकारी दी। पार्टी ने लिखा, “सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियां, साथ ही इसके सभी फ्रंटल संगठन, तत्काल प्रभाव से भंग किए जाते हैं।”
पार्टी ने आगे कहा कि वह हर स्तर पर आत्मनिरीक्षण, प्रदर्शन समीक्षा और व्यापक संगठनात्मक मूल्यांकन करेगी। इस प्रक्रिया से जो निष्कर्ष निकलेंगे, उसके आधार पर मूल निकाय (Main Body) और सभी फ्रंटल संगठनों की संरचना का पुनर्गठन कर उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी।
बैठक से गायब रहे थे 60 विधायक, दो नेता हुए थे सस्पेंड
पार्टी के भीतर यह दरार तब खुलकर सामने आई थी जब हाल ही में ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई टीएमसी विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक से करीब 60 विधायकों ने दूरी बना ली थी। तभी से राजनीतिक गलियारों में इस बात के कयास तेज हो गए थे कि टीएमसी दो धड़ों में बंट सकती है। इसी गुटबाजी के चलते सोमवार को ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा दोनों को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित (Suspend) कर दिया गया था, जिसके बाद बुधवार को ऋतब्रत ने विधानसभा में अपना गुट अलग होने का दावा ठोक दिया।
“कॉर्पोरेट स्टाइल में चल रही पार्टी” – अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला
निलंबन और बगावत के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। अभिषेक बनर्जी द्वारा सुरक्षा मांगे जाने पर तंज कसते हुए ऋतब्रत ने कहा, “वह किस तरह के जननेता हैं? पार्टी की करारी हार के बाद वह 26 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकले। अब वह अपनी सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की मांग कर रहे हैं, जबकि पहले कहते थे कि जनता उनकी रक्षा करेगी।”
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस को एक राजनीतिक दल की तरह नहीं बल्कि कॉर्पोरेट शैली में चला रहे हैं और पूरी पार्टी अब केवल ‘आई-पैक’ (I-PAC) जैसी एजेंसी पर निर्भर होकर काम कर रही है। फिलहाल, ममता बनर्जी द्वारा पूरी पार्टी के ढांचे को भंग किए जाने के बाद अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है।
