नई दिल्ली, 5 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की मजबूत आर्थिक प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत की विकास दर (Growth Rate) लगातार शानदार बनी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार देशवासियों के जीवन को आसान बनाने (Ease of Living), व्यापार करने के तौर-तरीकों को सुगम करने (Ease of Doing Business) और देश के युवाओं के लिए नए अवसरों को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
वैश्विक मंदी और युद्ध के बीच 7.7% की बंपर जीडीपी ग्रोथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से देश को संबोधित करते हुए कहा, “भारत की विकास की गति अत्यंत मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत और इसी वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (Q4) में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती, आर्थिक सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत का प्रत्यक्ष परिणाम है।”
यह आर्थिक आंकड़े इसलिए भी बेहद खास हैं क्योंकि वर्तमान में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर भारी अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार रफ्तार पकड़ रही है।
दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था: जी7 देश भारत से कोसों पीछे
आर्थिक मोर्चे पर भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी बादशाहत साबित की है। भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। वैश्विक मंच पर यदि अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना करें, तो भारत का प्रदर्शन असाधारण नजर आता है:
-
जर्मनी: महज 0.4 प्रतिशत की विकास दर
-
जापान: 0.8 प्रतिशत की विकास दर
-
यूरो जोन: 1.3 प्रतिशत की विकास दर
-
जी7 (G7) देश: औसत 1.6 प्रतिशत की विकास दर
बुनियादी ढांचे में भारी निवेश और नॉमिनल जीडीपी का कमाल
विशेषज्ञों के अनुसार, यह शानदार वृद्धि दर केंद्र सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व और भारी निवेश को दर्शाती है। सरकार द्वारा देश भर में राजमार्गों (Highways), रेलवे (Railways), बंदरगाहों (Ports) और हवाई अड्डों (Airports) के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर पूंजीगत व्यय किया गया है।
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशतदर्ज की गई है। वहीं, इसी अवधि के दौरान भारत के रियल और नॉमिनल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) में क्रमशः 7.9 प्रतिशत और 9.1 प्रतिशतका शानदार उछाल देखा गया है।
मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में दोहरे अंकों (Double Digit) में वृद्धि
सरकारी आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि बीते वित्त वर्ष में द्वितीयक (Secondary) और तृतीयक (Tertiary) क्षेत्रों का प्रदर्शन बेहद दमदार रहा है। स्थिर कीमतों पर इनकी वृद्धि दर क्रमशः 8.8 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत रही है।
इसके अलावा, अर्थव्यवस्था के प्रमुख इंजन माने जाने वाले निम्नलिखित सेक्टर्स ने स्थिर और मौजूदा कीमतों पर दोहरे अंकों (Double-Digit Growth) में वृद्धि दर्ज की है:
-
मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) और ट्रेड (Trade)
-
होटल, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज सर्विसेज
-
कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग
-
फाइनेंशियल, रियल एस्टेट एवं प्रोफेशनल सर्विसेज
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि इन मजबूत आर्थिक सुधारों का सीधा लाभ देश के अंतिम छोर पर खड़े नागरिक को ‘ईज ऑफ लिविंग’ के रूप में देने के लिए सरकार अपनी नीतियों को और अधिक सुगम व पारदर्शी बनाती रहेगी।
