देहरादून: उत्तराखंड में अब केवल बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री (चारधाम) ही नहीं, बल्कि राज्य के तमाम पौराणिक व सिद्ध धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। पर्यटन विभाग की ओर से जारी वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में दर्शनार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अल्मोड़ा स्थित जागेश्वर धाम और रुद्रप्रयाग के प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में ढाई गुना तक का इजाफा हुआ है। वहीं, श्रीनगर स्थित सिद्धपीठ माँ धारी देवी मंदिर में यात्रियों की संख्या लगभग दोगुनी और चंपावत के माँ पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
जानिए किस धाम में कितने पहुंचे श्रद्धालु (2025 बनाम 2026 की पहली छमाही):
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जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा): जनवरी से जून 2026 के बीच 1.74 लाख श्रद्धालु पहुँचे, जबकि वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह संख्या 67,875 थी।
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त्रियुगीनारायण मंदिर (रुद्रप्रयाग): श्रद्धालुओं की संख्या 1.36 लाख से बढ़कर सीधे 3.40 लाख पहुँच गई।
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धारी देवी मंदिर (श्रीनगर): 6 महीनों के दौरान 5.42 लाख भक्तों ने दर्शन किए (वर्ष 2025 में 2.83 लाख)।
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पूर्णागिरि धाम (चंपावत): दर्शनार्थियों का आँकड़ा 20.91 लाख पर पहुँचा, जो पिछले साल से करीब 6.5 लाख अधिक है।
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कैंची धाम (नैनीताल): नीम करौली बाबा के आश्रम में 6 माह में रिकॉर्ड 24.34 लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
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आदि कैलाश (पिथौरागढ़): सीमांत क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है; महज दो महीनों में 52,441 तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुँचे।
चारधाम यात्रा में रचा गया नया इतिहास
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है:
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कुल जनसैलाब: यात्रा के शुरुआती 105 दिनों के भीतर 45.84 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।
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यमुनोत्री धाम: 2 अगस्त 2026 तक 6.54 लाख यात्रियों ने दर्शन कर अब तक का सबसे बड़ा ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाया।
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बद्रीनाथ धाम: पहले 100 दिनों के भीतर 15.52 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जो कि पिछले साल की तुलना में 3.11 लाख अधिक है।
“पीएम मोदी के विजन और मानसखंड मिशन का दिख रहा असर”: सीएम धामी
राज्य में धार्मिक पर्यटन के इस अभूतपूर्व विस्तार पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रमुख मंदिरों के कायाकल्प, मानसखंड मंदिरमाला मिशन, तीर्थस्थलों पर विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, ऑल-वेदर रोड और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। बुनियादी ढांचे में सुधार का ही नतीजा है कि आज उत्तराखंड देश की आध्यात्मिक राजधानी बनने के पथ पर तेजी से अग्रसर है। इस बढ़ोतरी से स्थानीय अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और पर्यटन आधारित आजीविका को जबरदस्त मजबूती मिल रही है।”
