धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: पूर्व अग्निवीरों को भर्ती में छूट, बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी; जन विश्वास विधेयक भी आएगा

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार के मेला नियंत्रण सभागार में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, युवाओं के रोजगार और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना और बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 सहित कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का उत्तराखंड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया गया।

पूर्व अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी छूट

कैबिनेट ने राज्य की समूह ‘ग’ की सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली-2026 को मंजूरी दी है।

इससे पहले वर्ष 2025 की नियमावली के तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और शारीरिक दक्षता परीक्षा से संबंधित प्रावधान किए गए थे। अब केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप नई नियमावली तैयार की गई है। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

इस फैसले से प्रदेश में सेवामुक्त अग्निवीरों को सरकारी वर्दीधारी पदों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बच्चों के साहस को सम्मानित करेगी बाल वीरता पुरस्कार योजना

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में साहस और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों के साहसिक कार्यों को पहचान देना और समाज में बहादुरी, संवेदनशीलता तथा दूसरों की सहायता करने की भावना को प्रोत्साहित करना है।

जन विश्वास विधेयक-2026 से आसान होंगी व्यापारिक गतिविधियां

प्रदेश में व्यापार और कारोबार को सरल बनाने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई।

इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक गलतियों के लिए नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने और कानूनों से अप्रचलित तथा अनावश्यक प्रावधान हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

इसका उद्देश्य नागरिकों और कारोबारियों के लिए नियमों का अनुपालन आसान बनाना तथा अनावश्यक कानूनी जटिलताओं को कम करना है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए नई नियमावली

कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को मंजूरी दी। इसके जरिए बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और बाढ़ से जन-धन, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान की आशंका कम करना है। नियमावली के माध्यम से उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।

अग्निशमन और आपात सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी

प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल-2019 के अनुरूप तैयार किया गया है।

इसके अलावा उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी गई। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

215 पदों की निरंतरता को एक साल का विस्तार

कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता को 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी।

इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कर्मचारियों के वेतन और मानदेय का भुगतान पहले की तरह राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा।

हरिद्वार में किफायती आवास परियोजना को राहत

कैबिनेट ने हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता देने को मंजूरी दी।

लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना के लिए निर्धारित 9 मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध 6 मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए 3 मीटर की शिथिलता दी गई है। यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना और केंद्र तथा राज्य सरकार की आवास नीतियों के अनुरूप प्रस्तावित है।

औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन में त्रुटि सुधार

कैबिनेट ने ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को भी मंजूरी दी। संबंधित शासनादेश 10 नवंबर 2023 को जारी किया गया था।

इसके अतिरिक्त उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को स्वीकृति दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है।

मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास को मंजूरी

हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसके साथ ही संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन किया गया। अब विभागीय व्यवस्था के अनुरूप अध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड को प्रतिस्थापित किया जाएगा।

कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट के फैसलों में युवाओं के रोजगार, बच्चों के साहस को सम्मान, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, आपदा जोखिम कम करने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इन फैसलों के क्रियान्वयन से प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था और जनहितकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।