नई दिल्ली: भारत के राजनीतिक इतिहास में बुधवार का दिन एक अभूतपूर्व मील का पत्थर साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों के कार्यकाल के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले ‘निर्वाचित प्रधानमंत्री’ बनने का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस महा-उपलब्धि पर दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है और उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता तथा जनसेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण की खुलकर सराहना की है।
वैश्विक मंच से आईं बधाइयाँ: स्कॉट मॉरिसन और अनवर इब्राहिम ने सराहा
प्रधानमंत्री मोदी की इस वैश्विक प्रतिष्ठा पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को सराहा। मॉरिसन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीएम मोदी एक सच्चे राजनेता हैं जिन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है; साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच विकसित की गई व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर गर्व भी व्यक्त किया। वहीं, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत के विकास, समृद्धि और वैश्विक मंच पर उसकी साख को आगे बढ़ाने में उनके वर्षों की समर्पित जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने भविष्य में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
नाइजीरिया और केन्या के राष्ट्रपतियों ने बताया लोकतंत्र का विश्वास
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए कहा कि यह कीर्तिमान लगातार तीन जनादेशों के दौरान भारतीय जनता द्वारा पीएम मोदी के नेतृत्व में जताए गए भरोसे और अटूट विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विकास के प्रति मोदी की प्रतिबद्धता दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करती है। इसी क्रम में, केन्या के राष्ट्रपति विलियम सामोई रूटो ने भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनकी सराहना करते हुए कहा कि एक साधारण पृष्ठभूमि से उठकर इस मुकाम तक पहुंचने की पीएम मोदी की यात्रा समर्पण, धैर्य और जनसेवा का एक उत्कृष्ट और अनुकरणीय उदाहरण है।
पड़ोसी देशों और वैश्विक मित्रों ने माना नेतृत्व का लोहा
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने इस उपलब्धि को एक “ऐतिहासिक मील का पत्थर” करार दिया। उन्होंने कहा कि मोदी के कार्यकाल के दौरान भारत ने जो उल्लेखनीय आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रगति की है, वह उनके बेजोड़ नेतृत्व का सबसे बड़ा प्रमाण है। इससे पहले मंगलवार को भी दुनिया के कोने-कोने से बधाइयों का तांता लगा रहा, जिसमें श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे तथा त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने प्रधानमंत्री मोदी के इस रिकॉर्ड पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
2014 से शुरू हुआ यह ऐतिहासिक सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत 26 मई 2014 को हुई थी, जब उन्होंने पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद देश के विकास को गति देते हुए उनका दूसरा कार्यकाल 30 मई 2019 को शुरू हुआ। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास को और समृद्ध करते हुए, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में एक और निर्णायक जीत दर्ज करने के बाद, नरेन्द्र मोदी ने 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। आज लगातार तीन बार देश का नेतृत्व करते हुए उन्होंने लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का यह अद्वितीय गौरव अपने नाम कर लिया है।
