देहरादून: उत्तराखंड के अन्नदाताओं के आर्थिक सशक्तिकरण और समृद्धि की दिशा में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित हिमालय सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित ‘प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से देश के करोड़ों किसानों के खातों में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-Kisan) की 23वीं किस्त सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से डिजिटल रूप से ट्रांसफर की।
इस 23वीं किस्त के तहत देशभर के लगभग 10 करोड़ किसानों को ₹18,880 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई है, जिसमें से उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में ₹159 करोड़ से अधिक की सहायता राशि सीधे पहुंची है। मुख्यमंत्री धामी ने इस पारदर्शी व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का देवभूमि की जनता की ओर से आभार जताया।
डबल इंजन सरकार पर बढ़ा भरोसा: लाभार्थियों की संख्या हुई दोगुनी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी किसान भाई-बहनों को बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2019 में जब इस दूरदर्शी योजना की शुरुआत हुई थी, तब उत्तराखंड में लगभग 4 लाख किसान इसका लाभ पा रहे थे। आज डबल इंजन सरकार की नीतियों और पारदर्शिता के चलते यह संख्या बढ़कर 8 लाख से अधिक हो चुकी है। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए के सीधे समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी ईमानदारी से पहुंच रहा है।
किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसला: अब नहरों से सिंचाई होगी पूरी तरह निशुल्क
उत्तराखंड सरकार ने राज्य के किसानों को लागत के बोझ से राहत देने के लिए एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रदेश में नहरों से होने वाली सिंचाई को पूरी तरह से निशुल्क (फ्री) कर दिया गया है। इसके अलावा, किसानों की आय को और मजबूत करने के लिए राज्य के बजट में ₹200 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। कृषि क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाते हुए राज्य में लगभग ₹115 करोड़ के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस भी तैयार किए जा चुके हैं, जो किसानों को बेमौसम और उच्च गुणवत्ता वाली फसलें उगाने में मदद कर रहे हैं।
₹1000 करोड़ का ‘रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट’ और नई कृषि नीतियां
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में खेती काफी हद तक मानूसन और वर्षा पर निर्भर रहती है। इस भौगोलिक चुनौती से निपटने और पर्यावरण परिवर्तन के खतरों को कम करने के लिए धामी सरकार ने ₹1,000 करोड़ की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी है। इसके साथ ही राज्य में बागवानी और फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और ‘स्टेट मिलेट मिशन’ जैसी दूरदर्शी योजनाएं लागू की गई हैं, जिसके तहत जरूरतमंद किसानों को 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी (वित्तीय सहायता) दी जा रही है।
‘महक क्रांति’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से वैश्विक बाजार तक पहुंच
उत्तराखंड को सुगंधित खेती (सगंध खेती) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार “महक क्रांति” नीति पर तेजी से काम कर रही है। इसके तहत राज्य में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और 23,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित पौधों की खेती का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शुरू किए गए “हाउस ऑफ हिमालयाज” अंब्रेला ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, जैविक अनाजों और मिलेट्स (मोटे अनाजों) को अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान और बड़ा बाजार मिल रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने में देश में नंबर-1 बना उत्तराखंड: मुख्यमंत्री
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि स्पष्ट नीति और पूरी तरह ईमानदार नीयत के बल पर उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का श्रेय प्रदेश के प्रत्येक किसान के कठिन परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश की सुरक्षा सीमाओं पर मुस्तैद जवानों से तय होती है, ठीक उसी तरह देश की खाद्य सुरक्षा खेतों में पसीना बहाने वाले हमारे अन्नदाताओं के दम पर मजबूत होती है।
सीएम धामी ने सभी किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया, ताकि ‘विकसित उत्तराखंड 2047’ के संकल्प को मिलकर सिद्ध किया जा सके। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए प्रगतिशील किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
