देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के लाभार्थी कर्मचारियों और नियोक्ताओं को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की और उन्हें सम्मानित किया।
देशभर के विभिन्न राज्यों में एक साथ आयोजित इस विशाल कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के 15 लाख से अधिक युवाओं और श्रमिकों के खातों में ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि की दूसरी किस्त डिजिटल माध्यम से जारी की गई। इसी कड़ी में उत्तराखंड के 6 हजार युवाओं और 900 से अधिक नियोक्ताओं (रोजगार प्रदाताओं) को ₹24 करोड़ से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई है।
पहली नौकरी पर ₹15 हजार की मदद, नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार की यह योजना युवाओं के करियर की शुरुआत के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। इसके तहत पहली बार संगठित क्षेत्र में नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15 हजार तक की वित्तीय सहायता सीधे दी जा रही है। इसके साथ ही, अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने के लिए औद्योगिक संस्थानों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके तहत रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को चार वर्षों तक प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर प्रतिमाह ₹3 हजार की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। सीएम धामी ने इस दूरदर्शी योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।
निवेश से बदला परिदृश्य: ₹1 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतरे
राज्य में औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल योजनाएं घोषित नहीं करती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारती है। वर्ष 2023 में आयोजित ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के दौरान उत्तराखंड को ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में ऐतिहासिक सफलता मिली है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई (MSME) नीति सहित 30 से अधिक अनुकूल नीतियां लागू की गई हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत कर लाइसेंसिंग प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और फ्लैटेड फैक्ट्रियां
उत्तराखंड को एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। सीएम धामी ने बताया कि काशीपुर में अरोमा पार्क व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। इसके अलावा रुद्रपुर, सेलाकुई और हरिद्वार में छोटे उद्यमियों के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर फ्लैटेड फैक्ट्रियां तैयार की गई हैं। वहीं, किच्छा फार्म में 1,000 एकड़ से अधिक की विशाल भूमि पर एक अत्याधुनिक ‘स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप’ विकसित की जा रही है, जो भविष्य में हजारों युवाओं के लिए रोजगार का केंद्र बनेगी।
बेरोजगारी दर में 4.4% की रिकॉर्ड कमी, साढ़े चार साल में 33 हजार सरकारी नौकरियां
उत्तराखंड सरकार द्वारा रोजगार के क्षेत्र में किए गए चौतरफा प्रयासों का असर अब आंकड़ों में भी साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि ठोस नीतियों के चलते राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही, युवाओं को सरकारी सेवाओं में पारदर्शी तरीके से अवसर देने के संकल्प के तहत पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। ‘एक जनपद-दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड, स्वरोजगार योजना और सौर स्वरोजगार जैसी पहलों से रिवर्स पलायन (गांवों की ओर वापसी) में भी सकारात्मक वृद्धि देखी जा रही है।
आर्थिक तरक्की में उत्तराखंड देश में अव्वल: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति का ब्यौरा देते हुए कहा कि उत्तराखंड की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और पिछले एक वर्ष में राज्य की GSDP में 7.23 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। यही नहीं, प्रदेश के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत का उछाल आया है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तराखंड को पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य ‘एचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ की श्रेणी में शुमार है।
विकसित भारत 2047 के संकल्प में युवाओं की अग्रणी भूमिका
अपने संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपनी प्रतिभा, नवाचार और कौशल के दम पर स्वयं अवसरों का सृजन करें। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति ही ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्हें पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड के युवा अपने परिश्रम से देश को आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
इस गरिमामय कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री उमेश शर्मा काउ, विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित भविष्य निधि आयुक्त और बड़ी संख्या में उद्योग जगत के प्रतिनिधि व युवा लाभार्थी उपस्थित रहे।
