टिहरी झील बनेगा ‘ग्लोबल डेस्टिनेशन’: मुख्य सचिव ने मास्टर प्लान और विश्व स्तरीय सुविधाओं के लिए दिए कड़े निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धनने टिहरी झील को एक ‘ग्लोबल डेस्टिनेशन’ (विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल) के रूप में विकसित करने के लिए एक प्रभावी और भविष्योन्मुखी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) को टिहरी झील और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने को कहा।

1. वैश्विक मानकों पर आधारित मास्टर प्लान

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण या अवस्थापना (Infrastructure) विकास से पहले एक ठोस रणनीति जरूरी है। इसके लिए उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • अनुभवी कंसल्टेंट की नियुक्ति: टिहरी लेक प्रोजेक्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों और कंसल्टेंट की मदद ली जाएगी।

  • भारत सरकार को प्रस्ताव: इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार के पास भेजे जाने वाले प्रस्तावों में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा।

2. कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर जोर

पर्यटकों की सुगमता के लिए झील के चारों ओर परिवहन के आधुनिक साधनों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:

परियोजना मुख्य निर्देश
रिंग रोड (Ring Road) लोक निर्माण विभाग (PWD) को झील के चारों ओर रिंग रोड के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सी-प्लेन (Sea Plane) झील में प्रस्तावित सी-प्लेन योजना को धरातल पर उतारने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
हेलीपैड (Helipads) बेहतर कनेक्टिविटी के लिए रिंग रोड पर कम से कम दो नए हेलीपैड बनाने का निर्णय लिया गया।

3. सतत् और समावेशी विकास

मुख्य सचिव ने जोर दिया कि टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत सतत्, समावेशी और अनुकूल जलवायु आधारित (Climate Resilient) पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि रिंग रोड के बनने से क्षेत्र में अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में भी गति आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

4. ऋषिकेश और चम्पावत के लिए भी निर्देश

बैठक में केवल टिहरी ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्रों पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने:

  • मुनि की रेती (ऋषिकेश) और

  • लोहाघाट (चम्पावत) के पर्यटन विकास से संबंधित प्रस्तावों को भी शीघ्र तैयार कर मास्टर प्लान के साथ भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए।

“टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने के लिए यहाँ विश्व स्तरीय सुविधाओं का होना अनिवार्य है। रिंग रोड और हेलीपैड जैसी सुविधाएं इस क्षेत्र के विकास की रीढ़ साबित होंगी।” — श्री आनन्द बर्द्धन, मुख्य सचिव

बैठक में उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री अभिषेक रोहेला, श्री गिरधारी सिंह रावत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे