देहरादून, 4 जून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित ‘राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम’ में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस बेहद महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत सीधे ‘वन क्लिक’ (डीबीटी) के माध्यम से देश के इतिहास में एक और मील का पत्थर स्थापित करते हुए माह मई की पेंशन सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की।
9.74 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ
पारदर्शिता और तकनीक का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के कुल 09 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खातों में 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की भारी-भरकम पेंशन धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित सभी लोगों और अधिकारियों को राज्य को पूरी तरह ‘नशा मुक्त’ बनाने के अभियान और वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान व उनकी उचित देखभाल करने की महत्वपूर्ण शपथ भी दिलाई।
उत्तराखंड की आर्थिकी और विकास के रिकॉर्ड आंकड़े
मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए देवभूमि उत्तराखंड के विकास और आर्थिक प्रगति के शानदार और ऐतिहासिक आंकड़े देश के सामने रखे:
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जीएसडीपी में रिकॉर्ड उछाल: पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी (Economy) लगभग डेढ़ गुना तक बढ़ चुकी है। वहीं, बीते केवल एक वर्ष के भीतर राज्य की जीएसडीपी (GSDP) में 7.23 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है।
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प्रति व्यक्ति आय और रोजगार: पिछले चार सालों में प्रदेश के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बंपर बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर स्थिति है।
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₹1 लाख करोड़ से बड़ा बजट: उत्तराखंड का कुल बजट आकार अब बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के आंकड़े को पार कर चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलीपोर्ट और बिजली उत्पादन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पिछले कुछ समय में दो से तीन गुना तक की बड़ी वृद्धि देखी गई है।
राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री धामी ने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि नीति आयोग के ‘सतत विकास लक्ष्य’ (SDG) सूचकांक में उत्तराखंड को पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा:
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भारत सरकार के ‘सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक’ में विशेष श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर काबिज रहा है।
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‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) में राज्य को देश में ‘अचीवर्स’ की श्रेणी मिली है।
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‘स्टार्टअप रैंकिंग’ में उत्तराखंड ने देश के भीतर ‘लीडर्स’ की प्रतिष्ठित श्रेणी हासिल की है।
कनेक्टिविटी और ‘मंदिर माला मिशन’ पर तेजी से कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर चलते हुए राज्य में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प हो रहा है। प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ रेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन ने उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है। वर्तमान में केदारखंड और मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण कार्य बेहद तीव्र गति से आगे बढ़ रहे हैं।
भ्रष्टाचार मुक्त और सुगम शासन के लिए ‘चार सूत्रीय रणनीति’
योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने चार सूत्रीय रणनीति पर विशेष बल दिया। इसके अंतर्गत उन्होंने चार मूल मंत्र दिए:
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सरकारी योजनाओं का ग्रामीण स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार हो।
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आम जनता के लिए सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण (Simplification) किया जाए।
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प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक (Technology) का अधिकतम उपयोग हो।
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प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
उन्होंने विभिन्न सरकारी आयोगों, परिषदों और समितियों के अध्यक्षों व सदस्यों से स्पष्ट आह्वान किया कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि जिलों और सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर जमीनी हकीकत की निगरानी करें।
इस गरिमामयी राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास, श्री भूपाल राम टम्टा सहित सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री प्रकाश चन्द्र और विभिन्न आयोगों व समितियों के शीर्ष पदाधिकारी उपस्थित रहे।
