योगी सरकार का बड़ा एक्शन: यमुना एक्सप्रेस-वे ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ घोषित, अब धरना-प्रदर्शन करने पर होगी जेल

ग्रेटर नोएडा, 4 जून: यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और यातायात को बाधा रहित बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रशासन ने यमुना एक्सप्रेस-वे के गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में आने वाले 0 किलोमीटर से 41 किलोमीटर तक के पूरे हिस्से को तत्काल प्रभाव से ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ (No Protest Zone) घोषित कर दिया है

अब नहीं हो सकेगी कोई भी रैली या आंदोलन

पुलिस प्रशासन द्वारा जारी इस नए आदेश के तहत, अब एक्सप्रेस-वे के इस तय दायरे में किसी भी प्रकार के राजनीतिक, गैर-राजनीतिक या अन्य संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, विरोध प्रदर्शन, रैली या किसी भी प्रकार के आंदोलन की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस कमिश्नरेट का साफ कहना है कि इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य एक्सप्रेस-वे पर यातायात को ठप होने से बचाना तथा आम नागरिकों, एम्बुलेंस और वाणिज्यिक वाहनों की निर्बाध (बिना रुके) आवाजाही सुनिश्चित करना है。

हाई कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने लिया एक्शन

दरअसल, यह कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट के बीते 22 मई के निर्देशों के अनुपालन में की गई है。 यमुना एक्सप्रेस-वे देश के सबसे प्रमुख और व्यस्ततम एक्सप्रेस-वे में से एक है, जो दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मथुरा और आगरा जैसे बड़े शहरों को आपस में जोड़ता है। यहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। पूर्व में कई बार विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन या धरने के कारण इस मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता था, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती थीं。 इसी गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए प्रशासन ने यह फैसला लिया है。

बोर्ड लगाकर जनता को किया जा रहा जागरूक

इस कड़े नियम को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा बड़े पैमाने पर जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है。 एक्सप्रेस-वे के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों, टोल प्लाजा, पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय और संबंधित थानों के परिसरों में बड़े-बड़े सूचना बोर्ड (Signboards) लगाए जा रहे हैं, ताकि आम जनता और विभिन्न संगठनों को इस आदेश की समय रहते स्पष्ट जानकारी मिल सके। इसके साथ ही डिजिटल और सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए भी लोगों को इस नियम से अवगत कराया जा रहा है。

उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेस-वे का लगभग 41 किलोमीटर का हिस्सा गौतमबुद्धनगर जनपद की सीमा में आता है। इस पूरे 41 किलोमीटर के स्ट्रेच में यह आदेश पूरी तरह प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले या एक्सप्रेस-वे पर यातायात बाधित करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाएगी और उनके खिलाफ तत्काल सुसंगत धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी。

प्रशासन का अटूट विश्वास है कि इस निर्णय के लागू होने से न केवल एक्सप्रेस-वे पर कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन और अधिक मजबूत व वैज्ञानिक होगा, बल्कि करोड़ों यात्रियों को एक सुरक्षित, सुगम और तनावमुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा。

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