मुख्यमंत्री धामी का बड़ा कदम: 9.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹141 करोड़ की पेंशन राशि का ‘वन-क्लिक’ भुगतान

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी ‘जन-सुलभ’ और संवेदनशील कार्यशैली को दोहराते हुए आज समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को बड़ी आर्थिक राहत दी है। शासकीय आवास में आयोजित समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने ‘वन-क्लिक’ के माध्यम से फरवरी 2026 की पेंशन किश्त और एरियर का सफलतापूर्वक भुगतान किया।

पेंशन वितरण के मुख्य आँकड़े

इस डिजिटल भुगतान प्रक्रिया के जरिए राज्य के लाखों परिवारों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरित की गई:

  • कुल लाभार्थी: 9,57,651 (प्रदेशभर के विभिन्न श्रेणियों के पेंशनभोगी)

  • कुल वितरित धनराशि: ₹141 करोड़ 91 लाख 61 हजार

  • विशेषता: इस राशि में मासिक पेंशन के साथ-साथ बकाया (एरियर) का भुगतान भी शामिल है।

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”: बढ़ी पेंशनार्थियों की संख्या

बैठक में मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विशेष शिविरों का सकारात्मक प्रभाव धरातल पर दिख रहा है।

“हमारी सरकार की संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि पेंशनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से हम अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहे हैं।”श्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

अधिकारियों को मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पारदर्शिता और गति को लेकर अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:

  1. समयबद्ध निस्तारण: पेंशन से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण त्वरित गति से किया जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।

  2. व्यापक जनसंपर्क: योजनाओं की जानकारी दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के पात्र लोगों तक पहुँचाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

  3. नवाचार और कार्ययोजना: कमजोर वर्गों को जोड़ने के लिए नई और प्रभावी कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

  4. निरंतर अभियान: दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रखा जाए ताकि दुर्गम इलाकों के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

समावेशी विकास का संकल्प

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल एक आर्थिक सहायता मात्र नहीं हैं, बल्कि यह राज्य सरकार की सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता है। सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के जरूरतमंद वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए निरंतर आर्थिक संबल प्रदान करना है।

बैठक में उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी: सचिव, समाज कल्याण

  • श्री संदीप तिवारी: अपर सचिव

  • श्री संजय सिंह टोलिया: अपर सचिव

  • तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

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