उत्तराखंड में मिलावटखोरों की अब खैर नहीं: हर महीने चलेगा ‘स्पेशल चेकिंग अभियान’, धामी सरकार का सख्त फैसला

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद अब खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने का काम केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा। अब से प्रदेश में हर महीने एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें खाद्य पदार्थों की शुद्धता की सघन जांच होगी।

हाट-मेलों और स्ट्रीट फूड पर विशेष नजर

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सदन को आश्वस्त किया कि मिलावटखोरी रोकने के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि हाट-मेलों और सार्वजनिक स्थानों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की कड़ी निगरानी की जाएगी, क्योंकि यहाँ संक्रमण और मिलावट की संभावना अधिक रहती है।

विभागीय मजबूती: स्टाफ की कमी होगी दूर

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने दो बड़े कदम उठाए हैं:

  1. रिक्त पदों पर भर्ती: विभाग में लंबे समय से चल रही स्टाफ की कमी को जल्द दूर किया जाएगा ताकि जांच की प्रक्रिया सुस्त न पड़े।

  2. संसाधनों का विस्तार: नमूनों के संकलन और उनकी लैब टेस्टिंग की गति को तेज करने के लिए आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।

पिछले दो वर्षों का रिपोर्ट कार्ड (आंकड़ों की जुबानी)

सरकार द्वारा सदन में प्रस्तुत किए गए आंकड़े बताते हैं कि जांच अभियान में कितनी गंभीरता बरती जा रही है:

वित्तीय वर्ष लिए गए कुल नमूने फेल हुए नमूने दर्ज किए गए वाद (केस)
2023-24 1,627 171 171
2024-25 1,684 159 159

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश: “कतई बर्दाश्त नहीं”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि जो लोग मुनाफे के लिए जनता की सेहत से समझौता कर रहे हैं, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाए, बल्कि उन पर कानूनी कार्रवाई कर कड़ी सजा भी सुनिश्चित की जाए।

सरकार के इस निर्णय से राज्य में खाद्य सुरक्षा का एक नया मानक स्थापित होगा। नियमित जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई से मिलावटखोरों के भीतर भय पैदा होगा, जिसका सीधा लाभ उत्तराखंड की जनता और यहाँ आने वाले पर्यटकों के स्वास्थ्य को मिलेगा।