देहरादून: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध ‘चारधाम यात्रा’ का आज, 19 अप्रैल से विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का देवभूमि में स्वागत करते हुए उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि इस वर्ष की यात्रा सुरक्षित होगी और श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में पिछले सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करेगी।
देवभूमि में स्वागत: श्रद्धालुओं की सुखद यादों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने बाबा केदार, बद्री विशाल और मां गंगोत्री-यमुनोत्री से यात्रा के सकुशल संपन्न होने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल यात्रा कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर श्रद्धालु देवभूमि से स्वर्णिम यादें लेकर लौटे।” मुख्यमंत्री ने यात्रा को राज्य के लिए एक ‘उत्सव’ करार दिया और इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतिबिंब बताया।
सुरक्षा का संकल्प: हर स्तर पर तैयारियों की निरंतर समीक्षा
राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तैयारियों की समीक्षा प्रत्येक स्तर पर की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखते हुए इस बार बुनियादी ढांचे और आपातकालीन सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। प्रशासन का मुख्य फोकस सुगम और निर्बाध यातायात व्यवस्था पर है।
सहयोग की अपील: ‘अतिथि देवो भव’ के संदेश को करेंगे सार्थक
सीएम धामी ने प्रदेशवासियों और यात्रा व्यवस्था में लगे सभी हितधारकों से ‘सहयोगी’ बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का बेहतर अनुभव ही उत्तराखंड के संदेश को पूरी दुनिया में फैलाने में मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि स्थानीय लोगों और प्रशासन के आपसी तालमेल से ही यात्रा को वैश्विक स्तर पर एक मिसाल बनाया जा सकता है।
ग्राउंड स्टाफ को निर्देश: कर्तव्य के कुशलतापूर्वक निर्वहन की अपेक्षा
सफाई कर्मचारियों से लेकर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों तक, मुख्यमंत्री ने सभी को अपनी जिम्मेदारी का कुशलतापूर्वक पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, “सुरक्षा बलों और सफाई मित्रों की सक्रियता ही यात्रा की सफलता की नींव है। किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
रिकॉर्ड तोड़ यात्रा की उम्मीद: आस्था और उत्साह का संगम
मुख्यमंत्री ने पिछले साल की सफल यात्रा का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि 2026 की यात्रा पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भगवान के आशीर्वाद और प्रशासनिक तत्परता से इस बार भी यात्रा को सुरक्षित एवं सुविधाजनक ढंग से संपन्न कराया जाएगा।
आज 19 अप्रैल से कपाट खुलने के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर और पंजीकरण (Registration) के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें।
