उत्तराखण्ड में ‘पीएम पोषण’ योजना के तहत होगी बच्चों की डिजिटल मैपिंग, मुख्य सचिव ने सोशल ऑडिट बढ़ाने के दिए निर्देश

देहरादून : उत्तराखण्ड में स्कूली बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और कल्याण को और बेहतर बनाने के लिए धामी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने योजना की पारदर्शिता और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कई कड़े और दूरगामी दिशा-निर्देश जारी किए।

स्कूलों का सोशल ऑडिट और कमियों पर अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य

सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) कराए जाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट की प्रक्रिया से योजना में पारदर्शिता आएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑडिट के दौरान जिन भी स्कूलों या क्षेत्रों में कमियां पाई जाती हैं, उनके विषय में सम्बन्धित जनपदों को तुरंत सूचित किया जाए और उन कमियों को दूर कर एक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) मुख्य सचिव कार्यालय के सम्मुख प्रस्तुत की जाए।

बच्चों की डिजिटल मैपिंग, ट्रैकिंग और हेल्थ स्क्रीनिंग पर विशेष जोर

स्कूली बच्चों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए मुख्य सचिव ने विद्यालयों में बच्चों का डिजिटल मैपिंग एवं ट्रैकिंग मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग पर विशेष बल देते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि एनीमिया (रक्तअल्पता) आदि बीमारियों से पीड़ित बच्चों का न केवल उचित उपचार किया जाए, बल्कि उनका लगातार फॉलोअप भी लिया जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे डेटा का बारीकी से अध्ययन करें कि किस जनपद या ब्लॉक के बच्चों में किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं अधिक हैं, ताकि उन विशिष्ट क्षेत्रों में लक्षित और विशेष प्रयास करके समस्याओं का स्थायी निराकरण किया जा सके।

वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट और भोजन माताओं को मशरूम खेती का प्रशिक्षण

बैठक में सचिव श्री रविनाथ रमन ने पीएम पोषण योजना की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार को प्रस्तावित की जाने वाली वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट को समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया। उन्होंने विभाग द्वारा की गई नई पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि मिड-डे मील में पोषक तत्वों को बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता के लिए बागेश्वर और हरिद्वार जनपदों में कुल 78 भोजन माताओं को मशरूम की खेती का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए उत्तराखण्ड सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सहयोग से प्रदेश के स्कूली बच्चों को सप्ताह में दो बार फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड स्किम्ड दूध भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

इस राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में योजना को धरातल पर उतारने और अंतर्विभागीय समन्वय को मजबूत करने के लिए शासन के कई आला अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्य रूप से सचिव श्री चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव श्रीमती नमामि बंसल, श्री रोहित मीणा एवं निदेशक विद्यालयी शिक्षा श्री मुकुल कुमार सती सहित शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *