अल्मोड़ा: उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विकास की रफ्तार तेज करने के लिए धामी सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्मोड़ा जनपद को एक बड़ी सौगात देते हुए लगभग ₹138 करोड़ की विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इन नई योजनाओं के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, नगर विकास एवं ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को एक नई और अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
‘अंतिम व्यक्ति तक विकास’ के संकल्प के साथ बढ़ रहा उत्तराखण्ड
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि विकास की हर योजना का सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुंचे। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें मैदानी क्षेत्रों की तरह ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य ध्येय है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश के भीतर सड़क संपर्क (रोड कनेक्टिविटी), स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा व्यवस्था और हर घर तक पेयजल पहुंचाने की योजनाओं को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि यह जनपद सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से न केवल उत्तराखण्ड बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सांस्कृतिक नगरी की स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहाँ निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, उनके पूर्ण होने से जनपदवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, यह बुनियादी ढांचा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को एक नई गति प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और आला प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
अल्मोड़ा में आयोजित इस भव्य विकास उत्सव के अवसर पर क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ राजनेता और जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती हेमा गैड़ा, रानीखेत के विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट मौजूद थे। वहीं, शासन और जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी (DM) श्री अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री चंद्रशेखर आर घोड़के सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी।
