देहरादून: उत्तराखण्ड के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में जारी भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से अब राहत मिलने के आसार नजर आ रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून द्वारा जारी ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के विभिन्न जनपदों में आगामी कुछ दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार वर्षा, गर्जन, आकाशीय बिजली चमकने और ओलावृष्टि (Hailstorm) की तेज संभावना व्यक्त की है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है।
28 मई को पाँच पर्वतीय जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, कल दिनांक 28 मई को राज्य के पांच प्रमुख पर्वतीय जनपदों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, भारी ओलावृष्टि होने तथा 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से लेकर अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक तेज झोंकेवदार हवाएं चलने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, मौसम विभाग ने राहत की बात कहते हुए बताया कि राज्य के शेष जनपदों (मैदानी क्षेत्रों सहित) में भी कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से धूलभरी हवाएं चलने की संभावना है।
29 मई को देहरादून सहित सात जिलों में भारी आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम का यह बदला हुआ रूप 29 मई, 2026 को और अधिक व्यापक हो सकता है। मौसम केंद्र ने इस दिन के लिए उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में तीव्र गर्जन, आकाशीय बिजली और भारी ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’ दोहराया है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की संभावना है। विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा (Heavy Rainfall) होने की भी आशंका जताई गई है, जिससे पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
30 और 31 मई को येलो अलर्ट, आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर
महीने के अंत में यानी 30 मई तथा 31 मई के लिए मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसका मतलब है कि मौसम का असर थोड़ा कम होगा लेकिन एहतियात बरतना बेहद जरूरी रहेगा। मौसम की इस गंभीर चेतावनी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) तुरंत एक्शन में आ गया है। शासन स्तर से संबंधित सभी जिलाधिकारियों और जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने तथा आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। विशेषकर संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई हेतु सभी आवश्यक खोज एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन सचिव की जनता से अपील: खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें
राज्य के नागरिकों और चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, श्री विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों व पर्यटकों से एक विशेष अपील जारी की है। उन्होंने कहा है कि इस खराब मौसम के दौरान लोग बहुत जरूरी न होने पर अनावश्यक लंबी यात्राओं से पूरी तरह बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें। आकाशीय बिजली चमकने और तेज अंधड़ के दौरान बड़े पेड़ों, ऊंचे बिजली के खंभों, होर्डिंग्स एवं कमजोर ढाल वाली संरचनाओं से बिल्कुल दूर रहें। उन्होंने सभी से अनुरोध किया है कि मौसम संबंधी नवीनतम जानकारियों (Weather Updates) पर लगातार नजर बनाए रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
