टिहरी के विकास पर महामंथन: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों संग बैठक, स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

नई टिहरी, 5 जून: जनपद टिहरी गढ़वाल के विकास कार्यों को रफ्तार देने और जनसमस्याओं के स्थाई निराकरण के लिए जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्चस्तरीय संवादात्मक बैठक आयोजित की गई। उत्तराखण्ड शासन के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के तमाम विधायकों, दर्जाधारी मंत्रियों, नगर निकाय अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों ने प्रतिभाग किया। इस बैठक ने जन अपेक्षाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के बीच समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रस्तुत किया।

स्थानीय समस्याओं का जिला स्तर पर ही हो निस्तारण: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य जितने भी प्रकरण या शिकायतें हैं, उनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर जिला स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें त्वरित राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई घोषणाओं से संबंधित सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा (Timeline) के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।

विधायकों ने उठाई क्षेत्रीय विकास और आपदा प्रबंधन की मांग

बैठक में जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं और जनमुद्दों को बेहद प्रभावशाली ढंग से मुख्य सचिव के सामने रखा:

  • टिहरी विधायक श्री किशोर उपाध्याय ने क्षेत्र में व्याप्त विकास की असमानताओं और आरक्षित वन क्षेत्र के विस्तार से जुड़े संवेदनशील विषयों को उठाया।

  • धनोल्टी विधायक श्री प्रीतम सिंह पंवार एवं घनसाली विधायक श्री शक्ति लाल शाह ने आगामी मानसून और आपदा सीजन को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों को पुख्ता करने के लिए आवश्यक संसाधनों और खोजी उपकरणों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

  • देवप्रयाग विधायक श्री विनोद कण्डारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में सुधार करने तथा क्षेत्र में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए लंबित रोपवे (Ropeway) परियोजनाओं को गति देने का विषय प्रमुखता से रखा।

यात्रा सीजन का प्रबंधन और चारधाम कनेक्टिविटी पर चर्चा

बैठक में मौजूद दर्जाधारी मंत्रियों और बीकेटीसी के सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए:

  • दर्जाधारी मंत्री श्री जोत सिंह बिष्ट ने नदी तटीय क्षेत्रों में ग्रामीणों के आवागमन के लिए सुरक्षित व वैकल्पिक साधनों की आवश्यकता को रेखांकित किया।

  • दर्जाधारी मंत्री श्री विनोद सुयाल ने चारधाम यात्रा सीजन के दौरान देवप्रयाग–ऋषिकेश मार्ग पर बढ़ते वाहनों के दबाव और उससे उत्पन्न होने वाली यातायात प्रबंधन की चुनौतियों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया।

  • बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के सदस्य श्री दिनेश डोभाल ने नगर पंचायत घनसाली की भूमि के नियमितीकरण की मांग की। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को नई टिहरी शहर से जोड़ने के लिए प्रभावी रूट प्लान और प्रयास किए जाएं, जिससे स्थानीय व्यवसाय को लाभ मिल सके।

  • नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष श्री मोहन सिंह रावत ने विस्थापित नई टिहरी शहर की विभिन्न मूलभूत और बुनियादी समस्याओं से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपकर उनके शीघ्र निराकरण की मांग की。

वन्यजीवों के हमले और पार्किंग की समस्या पर फोकस

जनपद के विभिन्न नगर निकायों और विकासखण्डों के प्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया:

  • नगर पालिका चम्बा एवं देवप्रयाग के अध्यक्षों ने पर्यटन और स्थानीय यातायात को सुगम बनाने के लिए शहरों में पार्किंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर सबसे ज्यादा बल दिया।

  • नगर पंचायत घनसाली एवं चमियाला के जनप्रतिनिधियों ने पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार और अन्य वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से जनजीवन तथा कृषि को हो रहे भारी नुकसान की गंभीर समस्या उठाई और प्रभावितों को त्वरित मुआवजा व सुरक्षा देने की मांग की।

संवाद और समन्वय से होगा टिहरी का समग्र विकास

पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े इन तमाम गंभीर मुद्दों को सुनने के बाद मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने एक बेहद संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन जनसमस्याओं पर त्वरित और प्रभावी कानूनी व प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए। इस उच्चस्तरीय बैठक ने यह साफ संकेत दिया कि जनपद स्तर पर विकास केवल कागजी योजनाओं के क्रियान्वयन का विषय नहीं है, बल्कि यह शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद, समन्वय और जवाबदेही का एक साझा दायित्व है।

बैठक में मुख्य रूप से रहे उपस्थित

इस महामंथन में नगर पालिका अध्यक्ष चम्बा शोभनी धनोला, मुनिकीरेती नीलम विजल्वाण, देवप्रयाग ममता देवी, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, घनसाली आनन्द बिष्ट, चमियाला गोविन्द सिंह राणा, लम्बगांव रोशन रांगड़ उपस्थित रहे। इसके अलावा ब्लॉक प्रमुखों में घनसाली से राजीव कंडारी, चंबा से सुमन सजवाण, नरेन्द्रनगर से दीक्षा राणा, कीर्तिनगर से अंचला खंडेवाल, देवप्रयाग से विनोद बिष्ट, प्रतापनगर से मनीषा पंवार, जौनपुर से सीता पंवार व थौलधार से सुरेन्द्र भण्डारी सहित जनपद के तमाम आला अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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