विकसित उत्तराखंड के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून, 14 जुलाई 2026

उत्तराखंड के समग्र विकास और महिला सशक्तिकरण को समर्पित राज्य सरकार की नीतियों के बीच आज मुख्यमंत्री आवास में एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट संपन्न हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश महिला मोर्चा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को उनके पाँच वर्ष के सफल एवं जनसेवा को समर्पित कार्यकाल के लिए बधाई व शुभकामनाएँ दीं। बैठक में प्रदेश के विकास, महिला सशक्तिकरण तथा महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक भागीदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

केंद्र और राज्य की योजनाओं से बदला पर्वतीय महिलाओं का जीवन

प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी राज्य और राष्ट्र की प्रगति तब तक अधूरी है, जब तक महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा न मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया:

  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: इस योजना ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं को जंगलों से लकड़ी लाने के कठिन श्रम और धुएँ से भरे चूल्हों से होने वाली आँखों व श्वास संबंधी बीमारियों से मुक्ति दिलाई है। अब महिलाएँ इस समय का उपयोग शिक्षा, स्वरोजगार और कृषि कार्यों में कर रही हैं।

  • स्वच्छ भारत मिशन व जल जीवन मिशन: घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा व सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। वहीं, जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल से जल’ पहुँचने से पर्वतीय महिलाओं का सिर पर पानी ढोने का सदियों पुराना श्रम और समय बचा है।

  • आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को संयुक्त या एकल स्वामित्व मिलने से उनके कानूनी अधिकार मजबूत हुए हैं। इसके साथ ही आयुष्मान भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि और मुद्रा योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।

स्थानीय निकायों में आरक्षण और निर्णय प्रक्रिया में बढ़ी भागीदारी

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप आज बड़ी संख्या में महिलाएँ जनप्रतिनिधि बनकर विकास कार्यों का नेतृत्व कर रही हैं और नीति निर्धारण में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

‘लखपति दीदी’ और स्टार्टअप्स से आत्मनिर्भर बन रही हैं महिलाएँ

ग्रामीण आर्थिकी को मजबूती देने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

  • लखपति दीदी अभियान: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक आय को ₹1 लाख या उससे अधिक करने के लिए सरकार प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आधुनिक तकनीक उपलब्ध करा रही है।

  • महिला उद्यमिता व स्टार्टअप: कृषि आधारित स्टार्टअप, फूड प्रोसेसिंग, होम-स्टे, ऑर्गेनिक उत्पाद और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में युवा महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनें।

  • स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग: मंडुवा, झंगोरा, पहाड़ी दालें, बुरांश उत्पाद और हस्तशिल्प जैसे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और प्रदर्शनियों के जरिए विपणन (Marketing) की व्यवस्था की जा रही है।

“उत्तराखंड की मातृशक्ति सदैव परिश्रम, त्याग और आत्मबल की प्रतीक रही है। जब राज्य की महिलाएँ शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी विकसित उत्तराखंड का निर्माण संभव होगा। हमारी सरकार प्रधानमंत्री जी के ‘महिला नेतृत्व में विकास’ (Women-led Development) के विजन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

महिला मोर्चा ने की सरकार की पहलों की सराहना

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने महिला कल्याण और सुशासन की दिशा में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन क्रांतिकारी योजनाओं से धरातल पर महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें पुनः बधाई दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *