रामपुर तिराहा कांड की याद दिलाकर विपक्ष पर साधा निशाना, अजीत डोभाल और जनरल बिपिन रावत पर कथित टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस से मांगा जवाब
हल्द्वानी/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी। प्रदेशवासियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का बयान उत्तराखंडवासियों के पुराने जख्मों को कुरेदने वाला है।
हल्द्वानी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए खटीमा गोलीकांड, मसूरी गोलीकांड और रामपुर तिराहा कांड का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल में हुई इन घटनाओं की यादें आज भी प्रदेशवासियों के मन में हैं। ऐसे संवेदनशील इतिहास को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक नेताओं को अपने बयानों में मर्यादा बरतनी चाहिए।
कांग्रेस की न्याय यात्रा पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस की न्याय यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को यात्रा निकालने से पहले अपने शासनकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार, अनियमितताओं, जमीनों से जुड़े मामलों, पलायन और रोजगार जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता उसके कार्यकाल और नीतियों का आकलन कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अनुसूचित जाति और दलित वर्ग से जुड़े मुद्दों पर भ्रामक नैरेटिव प्रस्तुत कर रही है। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण यज्ञ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अनुसार, यह किसी व्यक्ति या जाति के विरोध में नहीं, बल्कि वहां फैली गंदगी और लगाए गए नारों के संदर्भ में किया गया था।
35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक लोगों पर कार्रवाई की है और 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने जमीनों से जुड़े मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, अवैध कब्जों को हटाने और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दंगा रोकने और धर्मांतरण पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं। साथ ही, समान नागरिक संहिता लागू की गई है और मदरसा बोर्ड के स्थान पर नई शिक्षा व्यवस्था के संचालन के लिए प्राधिकरण गठित किया गया है।
अंकिता भंडारी मामले पर विपक्ष को घेरा
अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अंकिता पूरे उत्तराखंड की बेटी थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सवाल किया कि क्या उसे न्यायालय और न्याय व्यवस्था पर भरोसा नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवेदनशील मामलों को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चियों को कथित धमकियों, वायरल ऑडियो प्रकरण तथा तंदूर और जैनी कांड का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से अपने शासनकाल की घटनाओं पर भी जवाब देने की मांग की।
अजीत डोभाल और जनरल बिपिन रावत के मुद्दे पर कांग्रेस से जवाब मांगा
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड का गौरव थे।
मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस और राहुल गांधी ऐसे बयानों से सहमत हैं। अखिलेश यादव के बयान को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा।
अगले 50 से 100 वर्षों के विकास का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता के लिए किसी भी राजनीतिक गठबंधन से अधिक महत्वपूर्ण प्रदेश का मान-सम्मान और स्वाभिमान है। राज्य सरकार आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अगले 50 से 100 वर्षों के लिए सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और प्रदेश में गलत कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
