रामपुर तिराहा कांड की याद दिलाकर साधा निशाना, कांग्रेस से पूछा— क्या वह अपने राजनीतिक सहयोगी के बयान का समर्थन करती है?
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे देवभूमि के स्वाभिमान, सम्मान और राज्य निर्माण के लिए किए गए संघर्ष का अपमान बताया। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरते हुए पूछा कि क्या पार्टी अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के बयान का समर्थन करती है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी।” उन्होंने कहा कि इस पावन धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। ऐसे प्रदेश के लोगों को घुसपैठिया कहना उनके सम्मान और ऐतिहासिक संघर्ष को ठेस पहुंचाने वाला है।
रामपुर तिराहा कांड का जिक्र कर अखिलेश पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में वर्ष 1994 के रामपुर तिराहा कांड का उल्लेख करते हुए उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए संघर्ष और बलिदान की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब अलग उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में पुलिस ने गोलीबारी की थी।
रामपुर तिराहा कांड उत्तराखंड के इतिहास का एक दर्दनाक अध्याय है। एक और दो अक्टूबर 1994 की रात दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई थी। इस घटना में कई आंदोलनकारियों की जान गई और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप भी सामने आए थे। इस घटना ने अलग राज्य की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को निर्णायक मोड़ दिया।
इसी ऐतिहासिक संदर्भ को उठाते हुए धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग अपने संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने अखिलेश यादव की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर उनके पिता के शासनकाल में राज्य आंदोलनकारियों पर गोलियां चली थीं, वहीं अब उनके बेटे की टिप्पणी उत्तराखंड के लोगों के सम्मान को ठेस पहुंचा रही है।
कांग्रेस से मुख्यमंत्री धामी के तीखे सवाल
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सीधे सवाल करते हुए कहा कि क्या पार्टी अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है? क्या कांग्रेस को उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना स्वीकार है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देवभूमि की जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
क्या है पूरा विवाद?
24 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अखिलेश यादव की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसके बाद यह विवाद सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तराखंड मूल का जिक्र करते हुए अखिलेश ने उन्हें उत्तराखंड वापस भेजने की बात कही और इसी संदर्भ में घुसपैठिया शब्द का इस्तेमाल किया। इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री धामी ने आपत्ति जताई। <Cite refs={“turn587253search5″,”turn587253news10”}/>
हालांकि, वायरल क्लिप के संदर्भ और पूरे बयान को समझना जरूरी है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में भी वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि को लेकर सावधानी बरती गई है। इसलिए टिप्पणी को उसके पूरे संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच उत्तराखंड के स्वाभिमान का मुद्दा
इस विवाद ने उत्तराखंड की पहचान, राज्य आंदोलन के इतिहास और राजनीतिक नेताओं की भाषा को लेकर बहस तेज कर दी है। मुख्यमंत्री धामी ने रामपुर तिराहा कांड का जिक्र कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि उत्तराखंड के लोगों के सम्मान और राज्य निर्माण के संघर्ष से जुड़े मुद्दों पर कोई भी टिप्पणी प्रदेश की भावनाओं से जुड़ती है।
अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और समाजवादी पार्टी की ओर से स्पष्टीकरण का इंतजार रहेगा।
रिसर्च नोट: रामपुर तिराहा कांड के ऐतिहासिक संदर्भ के लिए उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की रिपोर्ट और समकालीन मीडिया कवरेज देखी गई। अखिलेश यादव की टिप्पणी के मामले में उपलब्ध खबरें वायरल वीडियो पर आधारित हैं, इसलिए लेख में इसे कथित टिप्पणी और मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।
