शिक्षा के साथ स्वास्थ्य का संगम: सीएम धामी और सीएम योगी ने पौड़ी गढ़वाल में किया ओपन जिम का उद्घाटन

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के ढांचे को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिथ्याणी स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में ‘ओपन जिम’ का विधिवत शुभारंभ किया। यह अवसर न केवल शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाता है, बल्कि छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

उच्च शिक्षा में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सरकार का मुख्य फोकस केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महाविद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना भी है। पौड़ी गढ़वाल जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से लैस महाविद्यालयों का विकास यह सुनिश्चित करता है कि दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाएं अपने घर के पास ही मिल सकें। ओपन जिम की स्थापना इसी विजन का एक हिस्सा है, जो कैंपस लाइफ को और अधिक सक्रिय बनाएगा।

दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों का साझा विजन

इस कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने आयोजन के महत्व को और बढ़ा दिया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने शिक्षा और युवा कल्याण के मुद्दों पर चर्चा की। सीएम धामी ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसका लाभ सीधे तौर पर राज्य के हजारों छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस, बेहतर पुस्तकालय और अब खेल सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड एक ‘एजुकेशन हब’ के रूप में उभर रहा है।

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्प

धामी सरकार का मानना है कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। महाविद्यालय परिसर में ओपन जिम की सुविधा मिलने से छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दोहराया कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को हर वो मंच प्रदान करने के लिए संकल्पित है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे अन्य राजकीय महाविद्यालयों में भी इसी तरह की आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करें।

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