देहरादून: आगामी मानसून सीजन की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने अपनी कमर कस ली है। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में विभिन्न विभागों और जनपदों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के संचालन और मानसून की चुनौतियों के बीच किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चारधाम यात्रा और मानसून की दोहरी चुनौती
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि आने वाले कुछ महीने राज्य के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। एक ओर भारी वर्षा की संभावना है, तो दूसरी ओर लाखों की संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर हैं। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने सभी रेखीय विभागों (Linear Departments) को 24×7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) को सख्त लहजे में कहा कि मानसून शुरू होने से पहले सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत का कार्य हर हाल में समय से पूरा हो।
बुनियादी सेवाओं का रखरखाव और जलभराव से मुक्ति
मानसून के दौरान अक्सर बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए मुख्य सचिव ने बिजली और पेयजल विभाग को निर्देश दिए कि वे ट्रांसफार्मरों, विद्युत लाइनों और पाइप लाइनों का समय रहते रखरखाव सुनिश्चित करें। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने नगर निकायों और जिलाधिकारियों को नालों की नियमित सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कामचलाऊ व्यवस्था के बजाय गुणवत्तापूर्ण कार्य पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
नदियों का चैनलाइजेशन और आपदा प्रबंधन की तैयारी
नदी तटीय क्षेत्रों में कटाव को रोकने के लिए मुख्य सचिव ने नदियों के चैनलाइजेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी मार्ग में जमा आरबीएम (RBM – River Bed Material) को हटाया जाए ताकि नदी का प्रवाह बाधित न हो और रिहायशी इलाकों को नुकसान से बचाया जा सके। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती और बैली ब्रिज के पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव और बोट की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
समन्वित कार्ययोजना तैयार
बैठक के दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। मानसून अवधि के लिए एक समन्वित कार्ययोजना (Coordinated Action Plan) तैयार है, जिसके माध्यम से आपदा के समय त्वरित रिस्पांस सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने अंत में आश्वस्त किया कि राज्य सरकार संसाधनों की कमी नहीं होने देगी, बस विभागों को अपने दायित्वों का निर्वहन समयबद्ध तरीके से करना होगा।
