उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र के आसफनगर इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लकनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज यूएपीए (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (शासकीय गुप्त बात अधिनियम) से जुड़े एक गंभीर मामले की जांच के दौरान हरिद्वार की एक युवती का नाम सामने आया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम तुरंत हरिद्वार पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से युवती को हिरासत में ले लिया।
सिम, एटीएम और बैंक खातों का खेल
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुछ दिन पहले कलियर थाना पुलिस से संपर्क साधा था। जांच के दायरे में आई युवती का नाम सोनम है। पुलिस पूछताछ में सोनम ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह अपनी एक सहेली के जरिए ‘कुमार राम’ नाम के व्यक्ति के संपर्क में आई थी। इसके बाद, कुमार राम के कजिन हसीब के माध्यम से उसे कई सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और बैंक खाते उपलब्ध कराए गए, जिनका इस्तेमाल संदिग्ध लेन-देन के लिए किया जाना था।
लाखों का ट्रांजेक्शन और कमीशन का लालच
युवती ने पूछताछ में कुबूल किया कि उसे लगातार निर्देश दिए जाते थे कि इन बैंक खातों में आने वाली मोटी रकम को दूसरे खातों में कैसे ट्रांसफर करना है। इसके अलावा, उसे एटीएम से पैसे निकालने और यूपीआई (UPI) के जरिए रकम को आगे भेजने का काम भी सौंपा गया था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि युवती ने अब तक करीब 20 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए थे। इस अवैध काम के बदले उसे मोटा कमीशन दिया जाता था, और वह अब तक लगभग दो लाख रुपए कमीशन के तौर पर कमा चुकी थी।
पाकिस्तान कनेक्शन और फाइनेंशियल ट्रेल की जांच जारी
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस युवती को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है। अब देश की सुरक्षा और जांच एजेंसियां करोड़ों रुपए के इस संदिग्ध ट्रांजेक्शन, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और इसके कथित ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ की फाइनेंशियल ट्रेल (पैसों के लेन-देन का जरिया) को गहराई से खंगाल रही हैं। इसके साथ ही, हरिद्वार और स्थानीय स्तर पर युवती के संपर्क में रहे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस देशविरोधी नेटवर्क के तार कहीं और तो नहीं जुड़े हैं।
