उत्तराखंड: 13 महिलाओं को मिलेगा प्रतिष्ठित ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’, 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी होंगी सम्मानित; 8 अगस्त को सीएम धामी करेंगे प्रदान

देहरादून: उत्तराखंड सरकार द्वारा खेल, समाजसेवा, साहित्य और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य की 13 महिलाओं और किशोरियों का चयन प्रतिष्ठित ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ के लिए किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश की 35 महिलाओं को ‘राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार’ से नवाजा जाएगा।

आगामी 8 अगस्त को उत्तराखंड की महान वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चयनित सभी महिलाओं को सम्मानित करेंगे। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार ने बताया कि इस पुरस्कार वितरण समारोह के लिए मुख्यमंत्री का आधिकारिक अनुमोदन मिल चुका है। यह कार्यक्रम संस्कृति विभाग के हरिद्वार बाईपास मार्ग (देहरादून) स्थित सभागार में आयोजित किया जाएगा।

217 आवेदनों में से हुआ 13 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग को इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेश भर के 13 जिलों से कुल 217 आवेदन प्राप्त हुए थे। कड़ी समीक्षा के बाद इनमें से केवल 13 महिलाओं का चयन किया गया है।

ज़िलेवार मिले आवेदनों का ब्योरा:

  • देहरादून: 23 | उत्तरकाशी: 24 | नैनीताल: 29 | हरिद्वार: 22 | अल्मोड़ा: 21

  • पिथौरागढ़ & टिहरी: 13-13 | चमोली & चंपावत: 12-12 | रुद्रप्रयाग & उधमसिंह नगर: 11-11

  • बागेश्वर & पौड़ी: 8-8

वहीं दूसरी ओर, राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए प्रदेश भर से कुल 220 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 35 उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को इस सम्मान के लिए चुना गया है।

क्या है ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’?

उत्तराखंड सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और समाज में विशिष्ट योगदान देने वाली महिलाओं व किशोरियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2006 में ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ की शुरुआत की गई थी। यह पुरस्कार हर साल 8 अगस्त को वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के मौके पर दिया जाता है।

“वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर आठ अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पुरस्कार के लिए चयनित सभी महिलाओं को सम्मानित करेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री का औपचारिक अनुमोदन मिल चुका है।”

चंद्रेश कुमार, सचिव (महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग)

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