उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों में शिक्षा, परिवहन, बुनियादी ढांचे और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
कैबिनेट द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णयों का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:
परिवहन विभाग में वर्दी और संसाधनों का विस्तार
कैबिनेट ने परिवहन विभाग के अंतर्गत ‘उत्तराखण्ड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत विभाग में प्रवर्तन चालकों की वर्दी अब पुलिस विभाग के चालकों के समान निर्धारित की जाएगी. साथ ही, परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 250 नई बसें खरीदने के प्रस्ताव को अनुमति दी गई है. जीएसटी दर 28% से घटकर 18% होने के कारण, अब विभाग उसी बजट में 100 के बजाय 109 बसें खरीद सकेगा.
कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के लिए विकेंद्रीकरण
आगामी कुम्भ मेला-2027 के लिए हरिद्वार में होने वाले निर्माण कार्यों की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति मेलाधिकारी और 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति आयुक्त गढ़वाल मंडल स्तर पर दी जा सकेगी. 5 करोड़ से अधिक के बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पहले की तरह शासन से अनुमति लेनी होगी.
विधिक सेवा और सामाजिक न्याय में संशोधन
‘उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026’ में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब सैनिकों से जुड़े मामलों के मद्देनजर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य होंगे. इसके अलावा, प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं के दायरे में अब ‘एसिड अटैक’ पीड़ितों को भी शामिल किया गया है.
वन सेवा नियमावली और मौन पालन नीति
कैबिनेट ने वन विभाग की नियमावली में बड़े बदलाव किए हैं। अब वन दरोगा के पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर ‘स्नातक’ कर दी गई है. वन दरोगा के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी के लिए 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है. साथ ही, मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और आजीविका बढ़ाने के लिए वन क्षेत्रों की सीमा पर ‘मौन पालन (मधुमक्खी पालन)’ नीति को भी स्वीकृति दी गई है.
शिक्षा और अल्पसंख्यकों के लिए नए प्रावधान
अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में बदलाव करते हुए अब कक्षा 1 से 8 तक के संस्थानों की संबद्धता जिला स्तरीय शिक्षा समिति या शासन द्वारा तय सक्षम अधिकारी के माध्यम से होगी. कक्षा 9 से 12 तक के संस्थानों को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेनी होगी. इसके अतिरिक्त, राज्य के 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में भी ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ लागू की जाएगी. विशेष शिक्षा शिक्षकों की भर्ती के लिए नई नियमावली और संस्कृत शिक्षा के लिए ‘संवर्ग सेवा नियमावली 2026’ को भी हरी झंडी दी गई है.
राजस्व और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले
औद्योगिक विकास के तहत खनिजों पर रॉयल्टी की दर ₹7 से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल कर दी गई है. आबकारी नीति के अनुरूप वाणिज्य कर विभाग की नियमावली में 6% वैट (VAT) की दरों को मंजूरी दी गई है. साथ ही, छोटे ठेकेदारों को राहत देते हुए ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों के लिए निविदा की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है.
कार्मिक और नियुक्तियों पर स्पष्टता
कैबिनेट ने निर्देश दिया है कि जिन एकल संवर्गों में एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची प्राप्त हो गई है, उन पर त्वरित कार्रवाई की जाए। भविष्य के लिए इस संबंध में एक स्पष्ट एसओपी (SOP) बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि आयोगों और विभागों में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर पारदर्शिता बनी रहे. इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग में दिव्यांग श्रेणी के रिक्त पदों को भरने के लिए 2023 से ही नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.
