हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन-जन की सरकार : चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम ने न केवल विकास के दावों को धरातल पर उतारा, बल्कि देवभूमि की गौरवशाली आध्यात्मिक परंपरा की भी जीवंत झलक पेश की। शनिवार को आयोजित इस भव्य समारोह में जहाँ एक ओर आधुनिक उत्तराखंड के विकास का खाका खींचा गया, वहीं दूसरी ओर अखाड़ों के महामंडलेश्वरों और संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे माहौल को दिव्य बना दिया।
1. संत समाज का सान्निध्य और आशीर्वाद
उत्तराखंड की पहचान यहाँ के आध्यात्मिक परिवेश से है और यह कार्यक्रम भी उसी रंग में रंगा नजर आया।
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विशिष्ट उपस्थिति: विभिन्न अखाड़ों के महामंडलेश्वर, प्रतिष्ठित संत और साधु-संन्यासी बड़ी संख्या में इस उत्सव के साक्षी बने।
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आध्यात्मिक ऊर्जा: कार्यक्रम स्थल पर संतों के लिए एक पृथक एवं विशेष दीर्घा की व्यवस्था की गई थी। संतों ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को तिलक लगाकर और आशीर्वाद प्रदान कर राज्य की निरंतर प्रगति की मंगल कामना की।
2. गूँज उठा बैरागी कैंप: महिलाओं और युवाओं का जबरदस्त उत्साह
कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ शासन के प्रति जनता के विश्वास का परिचायक रही। जैसे ही गृह मंत्री और मुख्यमंत्री मंच पर पहुँचे, पूरे पंडाल में ‘भारत माता की जय’ और सरकार के समर्थन में नारों की गूँज सुनाई दी।
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युवा और मातृशक्ति: आयोजन में विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रही। प्रदेश के कोने-कोने से आए लोग पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए।
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अनुशासन की मिसाल: भारी जनसैलाब के बावजूद पूरा कार्यक्रम बेहद व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। जनसमुदाय ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ विकास की नई घोषणाओं और रिपोर्ट कार्ड का स्वागत किया।
3. गृह मंत्री का संबोधन: ‘भारत माता की जय’ के साथ आह्वान
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत जनसमुदाय के जोश को नई ऊर्जा देते हुए ‘भारत माता की जय’ के जयघोष के साथ की। उन्होंने उत्तराखंड को विकास के ‘सप्तऋषि’ मॉडल पर आगे बढ़ाने की बात की और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में हुए कायाकल्प की सराहना की।
“देवभूमि की यह धरती केवल पर्यटन की नहीं, बल्कि तपस्या की धरती है। यहाँ की जनता ने जिस तरह से विकास यात्रा को समर्थन दिया है, वह हमें और अधिक सेवा करने की प्रेरणा देता है।” — श्री अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
4. विकास और सुशासन का रिपोर्ट कार्ड
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार के चार वर्षों के महत्वपूर्ण निर्णयों को साझा किया। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), नकल विरोधी कानून, और महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक कदमों को सुशासन की दिशा में मील का पत्थर बताया।
हरिद्वार का यह आयोजन राज्य सरकार की लोकप्रियता और संत समाज के समर्थन का एक सशक्त दस्तावेज बनकर उभरा है। अध्यात्म और आधुनिकता के इस संगम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड अब एक ‘विकसित और समृद्ध’ राज्य बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।
