कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राज्य में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद, विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सुवेंदु अधिकारी को नेता चुन लिया गया है। कोलकाता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम का ऐलान किया। सुवेंदु अधिकारी अब पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे, जिसके साथ ही राज्य में पहली बार भाजपा सरकार का गठन होने जा रहा है।
जश्न में डूबा बंगाल: “मेहनत का मिला फल”
सुवेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा होते ही उनके गृह जनपद और कोलकाता की सड़कों पर समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और अबीर-गुलाल के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुवेंदु ‘दादा’ ने जमीनी स्तर पर जो संघर्ष किया था, आज उन्हें उसी मेहनत का फल मिला है। लोगों ने इसे ‘अंधेरे के अंत और नए सूरज के उदय’ के रूप में परिभाषित किया है।
महिला सुरक्षा और सुशासन की उम्मीद
चुनाव परिणामों और नई सरकार के गठन को लेकर जनता की अपेक्षाएं काफी ऊंची हैं। स्थानीय महिलाओं ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए उम्मीद जताई कि नई सरकार के तहत राज्य में महिला सुरक्षा सुनिश्चित होगी और ‘गुंडा राज’ का अंत होगा। समर्थकों का मानना है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार के ‘कुशासन’ से मुक्ति दिलाने में सुवेंदु अधिकारी की भूमिका निर्णायक रही है। नवनिर्वाचित विधायकों ने भी इसे ‘सनातन की जीत’ और बंगाल में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का प्रतीक बताया है।
पिछड़ों और वंचितों का मिला साथ
भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों का बड़ा योगदान रहा है। पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों के अनुसार, जहाँ भी पिछड़ापन था, वहाँ के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के विकास मॉडल पर भरोसा जताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर किए गए कार्यों ने ही बंगाल के हर वर्ग को पार्टी से जोड़ा है। सुब्रत ठाकुर और स्वप्न मजूमदार जैसे नेताओं ने इस जीत को मोदी के नेतृत्व में ‘विकास और प्रगति’ की जीत करार दिया।
9 मई को शपथ ग्रहण: एक नई शुरुआत
9 मई को पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवादी पार्टी की सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने जा रहा है। भाजपा नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध पंक्तियों “अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा” को याद करते हुए कहा कि बंगाल अब उस परिवर्तन का गवाह बन रहा है जिसका सपना वर्षों से देखा जा रहा था। सांसद मनोज तिग्गा ने विश्वास जताया कि जो काम आजादी के बाद पिछले 75 वर्षों में नहीं हुए, उन्हें अब सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार तेजी से पूरा करेगी।
