कोलकाता/देहरादून: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में शनिवार को एक नया सूर्योदय हुआ। कोलकाता के ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में जहाँ सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, वहीं देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस गौरवशाली पल का साक्षी बनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस समारोह को सीएम धामी ने “गंगोत्री से गंगासागर तक” राष्ट्रवाद और सुशासन के मिलन का प्रतीक बताया।
डबल इंजन सरकार से सर्वांगीण विकास का संकल्प
समारोह में सम्मिलित होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उनके मंत्रिमंडल को हार्दिक बधाई दी। धामी ने विश्वास जताया कि बंगाल में अब ‘डबल इंजन’ की सरकार विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी की दूरदर्शिता से पश्चिम बंगाल प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा और केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचेगा।
केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्रियों से शिष्टाचार भेंट
इस भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विभिन्न राज्यों से पधारे मुख्यमंत्रियों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह पहली सरकार न केवल पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि यह राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत भी है।
सांस्कृतिक और वैचारिक एकता का संदेश
मुख्यमंत्री धामी का “गंगोत्री से गंगासागर” वाला संदेश उत्तराखंड और बंगाल के बीच एक गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को भी रेखांकित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह गंगा गंगोत्री से निकलकर बंगाल में सागर से मिलती है, उसी तरह सुशासन और विकास की यह धारा अब हिमालय से लेकर बंगाल की खाड़ी तक अविराम बहेगी। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
