खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित 14वें दीपावली मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक संगठनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में छठ पूजा के लिए 20 घाटों के निर्माण की घोषणा की। इस घोषणा को प्रदेश में छठ पर्व से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विकास परिषद जैसे संगठन सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के माध्यम से समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं। ऐसे संगठनों के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के साथ लोगों को सामूहिक रूप से सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं।
काशीपुर से किच्छा तक बनेंगे 20 छठ घाट
मुख्यमंत्री धामी ने छठ पर्व के महत्व को देखते हुए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में घाट निर्माण की घोषणा की। इसके तहत काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर, बाजपुर, गदरपुर, सितारगंज, खटीमा और किच्छा में कुल 20 छठ घाट बनाए जाएंगे।
इसके अलावा देहरादून के प्रेमनगर में टोंस नदी के दाहिने तट पर, विकासनगर के बाढ़वाला में यमुना नदी के तट पर और चंपावत के बनबसा में भी छठ पूजा के लिए घाटों का निर्माण किया जाएगा।
इन घोषणाओं से प्रदेश में छठ पूजा के आयोजन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
केदारखंड की तर्ज पर विकसित हो रहा मानसखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ भावी पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त हुई बाबा केदार की नगरी को भव्य और दिव्य स्वरूप देने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ा है। केदारखंड में चारधामों के विकास की तर्ज पर मानसखंड के पौराणिक मंदिरों और धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण तथा वहां आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का विकास करना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपराओं का संरक्षण एवं प्रसार करना भी है।
₹3,000 करोड़ की लागत से आगे बढ़ रहे गंगा और शारदा कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर और मां शारदा के तट पर शारदा कॉरिडोर का कार्य लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से धार्मिक स्थलों के विकास के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी।
दून विश्वविद्यालय में स्थापित हुआ सेंटर फॉर हिंदू स्टडी
भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडी’ की स्थापना भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और दर्शन को अकादमिक स्तर पर प्रोत्साहित करना आवश्यक है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत को समझ सके और उससे जुड़ सके।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्य मंत्री गंभीर सिंह धामी, मोहनी पोखरिया, किशन सिंह, संतोष गौरव, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, महामंत्री रमेश जोशी, जिला उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय, हिमांशु बिष्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री की ओर से घोषित छठ घाटों के निर्माण और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियों तथा धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाओं के रूप में देखा जा रहा है।
