दीपावली पर धामी सरकार की कर्मचारियों को सौगात, 30 दिन के बोनस को मंजूरी; अधिकतम ₹6,908 मिलेंगे

उत्तराखंड के अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा तदर्थ बोनस, समूह ‘ग’, ‘घ’ और पात्र समूह ‘ख’ के कार्मिकों सहित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी होंगे लाभान्वित

देहरादून। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारियों को 30 दिन का उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) देने की मंजूरी प्रदान कर दी है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न विभागों में कार्यरत पात्र कार्मिकों को लाभ मिलेगा। निर्धारित गणना के अनुसार पात्र नियमित कर्मचारियों को अधिकतम लगभग 6,908 रुपये का बोनस प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री धामी के इस निर्णय के दायरे में समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों के साथ समूह ‘ख’ के पात्र अराजपत्रित कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

30 दिन की परिलब्धियों के बराबर मिलेगा बोनस

वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, समूह ‘ग’, ‘घ’ तथा समूह ‘ख’ के उन अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस दिया जाएगा, जिनका ग्रेड वेतन 4,800 रुपये तक है। पुनरीक्षित वेतनमान में यह वेतन स्तर 47,600 से 1,51,100 रुपये (लेवल-8) तक निर्धारित है।

पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसकी गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धि सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। इस आधार पर कर्मचारियों को अधिकतम करीब 6,908 रुपये का भुगतान होगा।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

धामी सरकार ने इस बोनस व्यवस्था में पात्र दैनिक वेतनभोगी और कैजुअल कर्मचारियों को भी शामिल किया है। इसके लिए निर्धारित कार्यदिवसों की शर्त पूरी करना जरूरी होगा।

  • छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्षों या उससे अधिक समय तक प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करना आवश्यक है।
  • पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन काम करने वाले पात्र कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

इन कर्मचारियों के लिए बोनस की गणना 1,200 रुपये की मासिक सीमा के आधार पर होगी। इसके अनुसार अधिकतम लगभग 1,184 रुपये का बोनस मिलेगा।

31 मार्च 2026 तक सेवा में होना अनिवार्य

शासनादेश के मुताबिक बोनस का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जो 31 मार्च 2026 को सेवा में कार्यरत थे और जिन्होंने इस तारीख तक न्यूनतम छह महीने की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी कर ली थी। छह महीने से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस दिया जाएगा।

वहीं, स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के लाभ की स्थिति में वहां कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बोनस दिया जा सकेगा। इसका भुगतान संबंधित निकाय और विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से करेंगे।

कर्मचारियों के योगदान को बताया महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारियों के परिश्रम, समर्पण और योगदान से ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है। सरकार का प्रयास है कि कर्मचारियों को समय-समय पर प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ प्रदेश की प्रगति में योगदान दे सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह और समृद्धि का पर्व है। इस अवसर पर कर्मचारियों को तदर्थ बोनस की सौगात मिलने से उनके और उनके परिवारों की त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी। सरकार के इस निर्णय से दीपावली पर राज्य के पात्र कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।