देहरादून: दिल्ली प्रवास से लौटते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operation Centre) पहुँचे। उन्होंने प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान खराब मौसम और आपदा में फंसे ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की।
179 में से 40 का रेस्क्यू, 8 हेलीकॉप्टर तैनात
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने मुख्यमंत्री को बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुल 179 ट्रेकर्स और माउंटेनियर्स फंसे थे (उत्तरकाशी में 136 और बागेश्वर के पिंडारी क्षेत्र में 43)।
उत्तरकाशी के 136 लोगों में से 40 को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि 40 लोगों ने अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताते हुए फिलहाल रेस्क्यू लेने से इनकार किया है। शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 8 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं और रेस्क्यू अभियान पुनः शुरू किया जा रहा है।
हेली एंबुलेंस स्टैंडबाय पर रखने के निर्देश
CM धामी ने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी से सीधे बात की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
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किसी भी स्थिति में लापरवाही न बरती जाए और ट्रेकर्स व पोर्टर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
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आपातकालीन चिकित्सीय मदद के लिए हेली एंबुलेंस (Heli Ambulance) को स्टैंडबाय मोड पर रखा जाए।
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प्रदेशवासियों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चारधाम यात्रा और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर बड़ा निर्देश
आपदा समीक्षा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने बढ़ते धार्मिक पर्यटन और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए चारधाम तथा प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए एक दीर्घकालिक और स्थायी ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान’ (Solid Waste Management Plan) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धामों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
