होशियारपुर/मुकेरियां, 26 सितंबर 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पंजाब के मुकेरियां में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित किया। यह पंजाब में उनकी तीसरी जनसभा थी। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक सरकार या राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पंजाब की युवा पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की लड़ाई है।
धामी ने कहा कि ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाकर इसे जनआंदोलन का रूप देना है। यात्रा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
AAP सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने पंजाब को नशामुक्त बनाने और नशे पर प्रभावी अंकुश लगाने के बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार इन वादों को पूरा करने में विफल रही।
उन्होंने कहा कि पंजाब आज भी नशे की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है और इस मुद्दे को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
तस्करी के साथ उपचार और पुनर्वास पर भी जोर
धामी ने कहा कि पंजाब गुरुओं, वीरों और बलिदानियों की धरती है। इस राज्य की युवा शक्ति को नशे के दलदल से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए तस्करी नेटवर्क पर सख्ती के साथ जागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान देना जरूरी है। नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नशे के खिलाफ चल रही गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता और पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है।
युवाओं से नशामुक्त पंजाब के संकल्प से जुड़ने की अपील
धामी ने पंजाब की जनता और विशेष रूप से युवाओं से ‘नशा मुक्त पंजाब’ के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की सामूहिक भागीदारी के बिना नशे की समस्या से प्रभावी तरीके से निपटना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त पंजाब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य और प्रदेश के गौरव से जुड़ा संकल्प है।
