गाजियाबाद में ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’: छात्र हत्याकांड के बाद खोड़ा में तीन अवैध मदरसे सील, घर-घर सत्यापन शुरू

गाजियाबाद, 2 जून: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला प्रशासन ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने खोड़ा क्षेत्र में बिना पंजीकरण के अवैध रूप से चल रहे तीन मदरसों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी में रहने वाले छात्र सूर्य प्रताप चौहान की हाल ही में हुई हत्या के बाद पैदा हुए तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए की गई है।

जिलाधिकारी ने खुद संभाली कमान, जमीनी स्तर पर की समीक्षा

इस व्यापक अभियान के तहत गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) रविंद्र कुमार मंदार ने खुद खोड़ा क्षेत्र का दौरा किया और जमीनी स्तर पर चल रहे सत्यापन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए।

आईएनएस से विशेष बातचीत में जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार मंदार ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में पूरे राज्य में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में खोड़ा में ‘क्लीन स्वीप’ नामक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत क्षेत्र की संपत्तियों, मकान मालिकों, किरायेदारों और स्थानीय निवासियों का विस्तृत सत्यापन (Verification) किया जा रहा है ताकि किसी भी अवैध गतिविधि की पहचान की जा सके।

बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे थे मदरसे, ‘मदरसा रहमानिया अरबिया’ पर लगा ताला

जांच के दौरान प्रशासनिक टीम को क्षेत्र में तीन ऐसे मदरसे मिले जो मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नहीं थे और नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से संचालित हो रहे थे। इसके बाद कार्रवाई करते हुए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीनों मदरसों को सील कर दिया गया। सील किए गए मदरसों में ‘मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम’ भी शामिल है। डीएम ने साफ किया कि यह सत्यापन अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि क्षेत्र की हर एक संपत्ति की जांच पूरी नहीं हो जाती।

तीन चरणों में चल रहा है ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’

खोड़ा में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए इस अभियान को तीन प्रमुख रणनीतिक चरणों में बांटा गया है:

  1. पहला चरण: पुलिस और प्रशासन की टीमें घर-घर जाकर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों, संदिग्धों और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर रही हैं।

  2. दूसरा चरण: चिन्हित किए गए अपराधियों और संदिग्धों को सीधे पुलिस थानों में तलब किया जा रहा है, जहाँ उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि में संलिप्त न होने की कड़ी चेतावनी दी जा रही है।

  3. तीसरा चरण: सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है, जिनके खिलाफ जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास जगाने के लिए खोड़ा के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल के साथ एक बड़ा ‘फ्लैग मार्च’ भी निकाला।

क्या था छात्र हत्याकांड मामला?

गौरतलब है कि बीते 28 मई को खोड़ा क्षेत्र में एक आपसी झगड़े के दौरान छात्र सूर्य प्रताप चौहान को चाकू मार दिया गया था। गंभीर हालत में उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के मुख्य आरोपी की पहचान ‘असद’ के रूप में हुई थी, जो शनिवार देर रात पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ (Encounter) में मारा गया। इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में भारी सतर्कता बरती जा रही है और अवैध गतिविधियों के प्रति प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है।

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