भुज, 30 मई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को गुजरात के कच्छ जिले में स्थित भारत-पाकिस्तान सीमा के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों— सर क्रीक और हरामी नाला का दौरा कर सुरक्षा ढांचे का व्यापक निरीक्षण किया। केंद्र सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी आधारित सीमा प्रबंधन और घुसपैठ-विरोधी उपायों को मजबूत करने की दिशा में यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की, सीमा प्रतिष्ठानों का गहन अवलोकन किया और इस अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट दलदली क्रीक क्षेत्र में मौजूद निगरानी व्यवस्था का बारीकी से आकलन किया।
‘स्मार्ट बॉर्डर’ और ‘घुसपैठ-मुक्त बॉर्डर’ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
सुरक्षा ढांचे की समीक्षा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘स्मार्ट बॉर्डर’ और ‘घुसपैठ-मुक्त बॉर्डर’ का निर्माण करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार अब अधिक तकनीक-उन्मुख (Technology-Oriented) सुरक्षा ढांचे की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में शाह ने भुज के पास बीएसएफ की नई बॉर्डर आउटपोस्ट ‘जी-7’ का उद्घाटन भी किया और वहां विपरीत परिस्थितियों में तैनात देश के जांबाज सुरक्षाकर्मियों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। इस कार्यक्रम के कुछ हिस्सों में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
ड्रोन, रडार और आधुनिक कैमरों से होगी अभेद्य निगरानी
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री ने सीमा पर स्थापित कैमरा आधारित निगरानी अवसंरचना सहित तमाम आधुनिक प्रणालियों की प्रभावशीलता की जांच की और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों पर रणनीतिक चर्चा की। अमित शाह का यह दौरा देश के विभिन्न सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की एक व्यापक समीक्षा योजना का हिस्सा है। इससे पहले उन्होंने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा किया था, जहाँ ड्रोन, रडार और आधुनिक निगरानी प्रणालियों जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटी भारतीय सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए एक ‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ की रूपरेखा की घोषणा की गई थी।
रणनीतिक रूप से संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण है क्रीक क्षेत्र
गृह मंत्री ने जानकारी दी कि सर क्रीक और हरामी नाला क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछली सुरक्षा समीक्षाओं के दौरान इस क्षेत्र में जिन भी कमियों या कमजोरियों की पहचान की गई थी, उन्हें दूर करते हुए अब महत्वपूर्ण सुधार किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि सर क्रीक और हरामी नाला क्षेत्र भारत की पश्चिमी सीमा के सबसे रणनीतिक और संवेदनशील इलाकों में से एक हैं। उथले नालों, दलदली भूमि और ज्वारीय जलमार्गों (Tidal Waterways) से घिरे होने के कारण इस इलाके की भौतिक रूप से निगरानी करना बेहद कठिन है, जिसके चलते यह क्षेत्र घुसपैठ, तस्करी और अनधिकृत समुद्री आवागमन के लिहाज से सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना रहा है।
