उत्तराखंड में क्लस्टर खेती और जैविक कृषि पर जोर: मुख्य सचिव ने ‘वार्षिक कार्य योजना 2026-27’ को दी मंजूरी

देहरादून: उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित ‘राज्य स्तरीय संस्तुति समिति’ की बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई।

इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु न केवल योजनाओं को मंजूरी देना था, बल्कि तकनीक और क्लस्टर आधारित खेती के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी रहा।

1. किसान कल्याण योजनाओं का 100% लक्ष्य

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:

  • पीएम किसान सम्मान निधि: योजना के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण (Saturation) के लिए प्रदेश भर में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।

  • ई-केवाईसी और आधार भुगतान: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित भुगतान और ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरी मजबूती से लागू करने के निर्देश दिए गए।

  • किसान मानधन योजना: इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि वृद्धावस्था में उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

2. क्लस्टर खेती और FPO मॉडल पर फोकस

राज्य में बिखरी हुई छोटी जोतों की समस्या का समाधान निकालने के लिए मुख्य सचिव ने किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के गठन पर जोर दिया।

  • सरकार का लक्ष्य अब क्लस्टर आधारित खेती की ओर बढ़ने का है, जिससे किसानों को लागत कम करने और बेहतर मोलभाव करने में मदद मिलेगी।

  • स्थानीय उत्पादों और फसलों के लिए बाजार सुविधाओं (Market Linkages) को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती मिले।

3. जैविक और प्राकृतिक खेती: भविष्य की दिशा

उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मुख्य सचिव ने प्रदेश को जैविक (Organic) और प्राकृतिक खेती के हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही:

  • खेती में आधुनिकता लाने के लिए राज्य में अधिक से अधिक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जाएंगे।

  • इससे छोटे किसानों को भी महंगे कृषि उपकरणों का लाभ मिल सकेगा।

4. समयबद्ध नियोजन और कार्यान्वयन

प्रशासनिक सुस्ती को दूर करने के लिए मुख्य सचिव ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उन्होंने आगामी वर्ष की वार्षिक कार्य योजना के लिए अगली बैठक दिसंबर-जनवरी माह में ही आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय रहते बजट और संसाधनों का नियोजन हो सके।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस उच्च स्तरीय बैठक में कृषि सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री एसएन पाण्डेय और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आपसी समन्वय के साथ इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करें।


मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • लक्ष्य वर्ष: 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना स्वीकृत।

  • नया मंत्र: क्लस्टर आधारित खेती और FPO का सशक्तिकरण।

  • तकनीकी सुधार: 100% ई-केवाईसी और आधार आधारित भुगतान अनिवार्य।

  • मशीनीकरण: फार्म मशीनरी बैंकों की संख्या में होगी वृद्धि।