मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ली मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक, दिए ये बड़े निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। लंबे समय से लंबित योजनाओं का निस्तारण शीघ्र करने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर विशेष बल दिया गया।

मुख्यमंत्री घोषणाओं की वर्तमान स्थिति (आंकड़े)

बैठक के दौरान प्रदेश में मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की गई:
  • कुल घोषणाएं: 4,611
  • पूर्ण हो चुकी घोषणाएं: 2,852
  • लंबित घोषणाएं: 1,759
    • 1,397 घोषणाओं पर विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई गतिमान है।
    • 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूरी हो चुकी हैं।
    • 303 घोषणाएं अभी भी लंबित/प्रारंभिक चरण में हैं।
  • निरस्त/विलय (Merged): 447 घोषणाओं के विलोपन या विलय की प्रक्रिया की गई है।
महत्वपूर्ण प्रगति: 11 अगस्त 2026 की समीक्षा बैठक के समय लंबित घोषणाओं की संख्या 627 थी, जो अब घटकर 303 रह गई है।

मुख्य सचिव के प्रमुख निर्देश व दिशा-निर्देश

1. कार्यों में तेजी और समानांतर कार्रवाई

मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं को समय से पूरा करने के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं (जैसे भूमि हस्तांतरण व स्वीकृतियां) को एक साथ यानी समानांतर (Parallel) रूप से शुरू किया जाए ताकि समय की बचत हो सके।

2. पोर्टल अपडेट और मॉनिटरिंग

  • सभी विभाग मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करें।
  • जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल जारी किया जाए।
  • सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से घोषणाओं की मॉनिटरिंग करें।

3. अंतर-विभागीय समन्वय

विभिन्न विभागों के बीच संवादहीनता के कारण कार्य न रुके, इसके लिए आपसी समन्वय पर जोर दिया गया। जिन मामलों में योजनाओं को अन्य विभागों को हस्तांतरित किया जाना है, उन पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

विशिष्ट परियोजनाओं पर निर्णय

  • यमुनोत्री ट्रेक रूट: सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रेक रूट के सुधारीकरण की विस्तृत कार्ययोजना तथा वैकल्पिक मार्ग की संभावनाओं पर अगले 15 दिनों में प्रेजेंटेशन देने के निर्देश दिए गए।
  • पौड़ी हेरिटेज स्ट्रीट कार्य: पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
  • कोल्ड स्टोरेज और भूमि चयन: फलों के भंडारण हेतु कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए भूमि की उपयुक्तता को प्राथमिकता दी जाए। यदि सरकारी भूमि उपयुक्त न हो, तो आवश्यकतानुसार उपयुक्त भूमि खरीदकर निर्माण कराया जाए।
  • सिटी पार्क व ईको पार्क: प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क या ईको पार्क विकसित किए जाएं। परिसंपत्ति निर्माण से पहले ही उसके संचालन एवं रखरखाव (O&M) का मॉडल तय किया जाए।

अगली समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर माह के मध्य में आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी विभागों द्वारा की गई प्रगति की पुनः जांच की जाएगी।
बैठक में उपस्थिति:
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री युगल किशोर पंत, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, श्री मनुज गोयल, श्री रोहित मीणा, श्री नवनीत पाण्डे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।