देहरादून | 25 फरवरी, 2026
उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले कुमाऊँ अंचल की होली की रंगत अब राजधानी देहरादून में भी बिखरने लगी है। बुधवार को जनपद चम्पावत के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आए होल्यारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामीसे शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास का प्रांगण कुमाऊँनी होली की शास्त्रीय राग-रागिनियों और पारंपरिक गीतों से सराबोर हो गया।
पारंपरिक गायन से जीवंत हुई कुमाऊँनी संस्कृति
चम्पावत से आए कलाकारों ने पारंपरिक परिधानों में सजे होकर खड़ी एवं बैठकी होली के सुमधुर लोक गीतों का प्रदर्शन किया। ढोल, मजीरे और हुड़के की थाप पर जब होल्यारों ने राग-आधारित बैठकी होली और जोश से भरी खड़ी होली का गायन किया, तो वहां मौजूद हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। होल्यारों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और मुख्यमंत्री के यशस्वी कार्यकाल के लिए ‘मंगल गीत’ भी प्रस्तुत किए।
होली: आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का प्रतीक
मुख्यमंत्री श्री धामी ने सभी होल्यारों का तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि एक शास्त्रीय संगीत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का संगम है।
“चम्पावत की होली अपनी विशिष्ट शैली और भक्ति भाव के कारण पूरे देश में अद्वितीय है। यह हमारी वह सांस्कृतिक विरासत है, जो हमें अपनी जड़ों और पूर्वजों के मूल्यों से जोड़ती है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
लोक कला के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार के प्रयासों को साझा करते हुए कहा कि सरकार लोक कला, लोक भाषा और पारंपरिक उत्सवों के संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाई जा रही है ताकि नई पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व कर सके।
प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को होली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह रंगोत्सव सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने आह्वान किया कि होली का यह पावन पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर एकता और सौहार्द के रंग में रंगने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में चम्पावत के स्थानीय कलाकार, जनप्रतिनिधि और मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
