यूपी का ‘रिवर ड्रोन सर्वे’ मॉडल अब पूरे देश में होगा लागू: गंगा, यमुना समेत 5 नदियों का होगा कायाकल्प

लखनऊ | 21 दिसंबर, 2025 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नदी संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाई-टेक रिवर ड्रोन सर्वे सिस्टम के माध्यम से राज्य की प्रमुख नदियों के संरक्षण का ‘यूपी मॉडल’ इतना सफल रहा है कि अब केंद्र सरकार इसे पूरे देश में लागू करने जा रही है।

राज्य स्वच्छ गंगा मिशन ने गंगा, यमुना, गोमती, वरुणा और पांडु नदियों के लगभग 150 किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

150 किमी का हाई-टेक ड्रोन सर्वे संपन्न

नदियों की वास्तविक स्थिति और प्रदूषण के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पहली बार इतने व्यापक स्तर पर ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया है।

  • प्रमुख शहर: सर्वे का मुख्य केंद्र लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर जैसे बड़े शहर रहे हैं।

  • सटीक पहचान: ड्रोन के जरिए प्रदूषण के स्रोतों और नदियों में गिरने वाले नालों (Outfalls) की स्पष्ट मैपिंग की गई है।

  • प्रभावी निगरानी: इस तकनीक से उन दुर्गम इलाकों की भी निगरानी संभव हुई है, जहाँ भौतिक रूप से पहुँचना कठिन था।

इन 5 नदियों की बदलेगी तस्वीर

सरकार की इस कार्ययोजना के तहत उत्तर प्रदेश की पांच प्रमुख नदियों के पुनरुद्धार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:

  1. गंगा (Ganga)

  2. यमुना (Yamuna)

  3. गोमती (Gomti)

  4. वरुणा (Varuna)

  5. पांडु (Pandu)

‘जीरो डिस्चार्ज’ (Zero Discharge) लक्ष्य की ओर कदम

सर्वे के बाद अब अगला बड़ा कदम इन नदियों को ‘जीरो डिस्चार्ज’ का दर्जा दिलाना है।

  • कानपुर को पहला लाभ: इस मुहिम का सबसे पहला और बड़ा फायदा कानपुर को मिलेगा, जहाँ औद्योगिक और शहरी कचरे को नदी में गिरने से पूरी तरह रोकने की योजना है।

  • गोमती का कायाकल्प: लखनऊ नगर के लिए ड्रोन डेटा के आधार पर एक संपूर्ण पुनरुद्धार कार्य योजना (Revival Plan) तैयार की जा रही है, जिससे गोमती नदी की धारा को फिर से स्वच्छ बनाया जा सके।

“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नदियों का केवल कायाकल्प ही नहीं हो रहा, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के नए द्वार भी खुल रहे हैं।”

— जोगिंदर सिंह, परियोजना निदेशक (राज्य स्वच्छ गंगा मिशन)

यूपी मॉडल क्यों है खास?

उत्तर प्रदेश नदी संरक्षण में आज देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। इसकी सफलता के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. तकनीक का समन्वय: ड्रोन सर्वे और डेटा एनालिटिक्स का बेहतर उपयोग।

  2. त्वरित क्रियान्वयन: सर्वे पूरा होने के तुरंत बाद जीरो डिस्चार्ज कार्ययोजना पर काम शुरू।

  3. जनकल्याणकारी दृष्टिकोण: नदियों की सफाई को रोजगार और गांव की स्वच्छता से जोड़ना।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को बचाएगी, बल्कि आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए ‘ब्लूप्रिंट’ का काम करेगी। अब गंगा और उसकी सहायक नदियां तकनीक और इच्छाशक्ति के संगम से अपने पुराने स्वरूप में लौटती दिख रही